धार्मिकमध्य प्रदेश

मांगरोल तट पर शुक्रवार को होगा शिवोद्भवा नर्मदाजी का दुग्धाभिषेक

पूज्य ब्रम्हचारी के सानिध्य में होगा दीपदान-मां नर्मदा को चढ़ाएँगे चुनरी
रिपोर्टर : कमल याज्ञवल्क्य
बरेली (रायसेन) । शुक्रवार शाम को शिवोद्भवा मां नर्मदा के प्राकट्य पर्व पर बरेली क्षेत्र के करीबी मां नर्मदा के मांगरोल तट (मंग्लेश्वर तीर्थ) पर परम तपस्वी विख्यात संत पूज्य ब्रम्हचारी जी महाराज के सानिध्य में रायसेन जिले के साथ अनेंक जिलों के भक्त पूरे वैदिक विधान से मां नर्मदा जी के प्राकट्य पर्व पर मां का दुग्धाभिषेक पूजन करेंगे। ग्वालियर से इन धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल विद्वान पंडित ब्रम्ह दत्त शर्मा, व्यवस्था में सहयोगी समाजसेवी पंडित नरसीप्रसाद शर्मा एवं पंडित कमलकिशोर शर्मा ने बताया कि पूज्य ब्रम्हचारी जी महाराज के सानिध्य में विद्वान पंडितों के मार्गदर्शन में माँ नर्मदा के प्राकट्य पर्व पर शुक्रवार सुबह से धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम महारूद्राभिषेक के साथ शुरू हो जाएगा। शाम पांच बजे से को मैया को चुनरी भेंट की जाएगी, एवं विशेष दीपदान के साथ ही माँ की भव्य आरती और प्रसाद वितरण होगा। श्रीरेवा मंदिर भवन विश्राम शाला ट्रस्ट, क्षेत्रीय भक्तगण एवं पूज्य ब्रम्हचारी जी शिष्य मंडल, मध्यप्रदेश ने सभी से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
नर्मदेश्वर की उपासना से महेश्वर योग की प्राप्ति :पूज्य ब्रम्हचारी जी
परम तपस्वी पूज्य संतश्री ब्रम्हचारी जी महाराज ने कहा कि शास्त्रों में मेकलसुता नर्मदा के प्राकट्य से लेकर अनेक कथाओं का वर्णन है. आपने यह भी कहा गया है कि नर्मदेश्वर की उपासना से भक्तों को महेश्वर योग की प्राप्ति होती है. मां नर्मदा के दर्शन मात्र से पापों का नाश हो जाता है. कल कल प्रवाहित मां नर्मदा मोक्षदायिनी है।

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