माता का हुआ नगर भ्रमण, भक्तो का शामिल रहा जनसैलाब
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | छोटी काशी के नाम से मशहूर पोड़ी कला बी में देवी जी का जुलूस निकला जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ का लगा रहा तांता बैंड बाजों के साथ भक्त नृत्य करते हुए नजर आए, यह वही छोटी काशी हैं जहां विद्वानों से पूरा गांव भरा हैं कहां तो यहां तक जाता हैं कि शास्त्रार्थ के विषय में व्रदावन से अनेकों विद्वानों का आगमन परीक्षा की दृष्टि हुआ लेकिन पोड़ी कला बी के पंडितो से विजय हासिल नही कर पाए। स्मरण रहे कि यह वही काशी हैं जिन्होंने अपनी भूमि को दान में देकर विद्यालय का निर्माण करवा दिया था विद्वता ऐसी मानो जिनकी सुंदर अक्षरों से किताबे विमोचित हुई। नगर भ्रमण के दौरान पंडा भक्ति भाव में नजर आए और दैविक स्वरूप का दर्शन करके नृत्य करते हुए नजर आए। बहरहाल यह वही काशी हैं साहब जब आकाश में जाते हुए मूठ को पंडो ने देखा तो आनन फानन में मंत्रो के उच्चारण से मूठ की गति को स्थगित कर दिया था और बोला कि जहां जाएगी विनाश कर देगी इसको यहीं स्थापित कर दिया जाए इसलिए मूठ से उतरने के कारण माता का नाम पड़ा माता आसमानी, अष्टभुजी भगवती अपने विशाल स्वरूप और हसता हुआ चेहरा मानो ऐसा लग रहा था जैसे भगवती खुद अपने लोक से धरती में उतर आई हों। बैंड बाजों के धुन से भक्त नृत्य करते हुए नजर आए। वही बड़ी संख्या में माताएं बहनें भी नजर आई नौ दिनों तक आरती में बड़ी संख्या में भक्त नजर आए और प्रसाद वितरण का कार्य लगातार चालू रहा। माता के जाने से भक्तो में जहां निराशा दिखी तो वही माता के जल्द आगमन का विनय भक्तो ने किया। माता के नगर भ्रमण के बाद जलविहार कर दिया जाएगा इसके उपरांत भंडारा का कार्यक्रम संपन्न होगा ज्यादा से ज्यादा संख्या में भक्त पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करे और पुण्य लाभ अर्जित करे।



