मिट्टी बचाओ आंदोलन यात्रा: अब वक्त मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने का, हमारी गतिविधियां ही भविष्य तय करेंगी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
मिट्टी बचाओ आंदोलन यात्रा पहुंची गोपालपुर बायपास जोड़ पर लोगों ने किया जग्गी वासुदेव का स्वागत
रायसेन। मार्च में शुरू हुए मिट्टी बचाओ आंदोलन की 100 दिवसीय यात्रा 80वें दिन रायसेन पहुंची। 27 देशों से होकर गुजरने वाली इस यात्रा का उद्देश्य मिट्टी में नीतिगत सुधार के जरिए कृषि भूमि में कम से कम 3 से 6 प्रतिशत जैविक तत्व को आवश्यक रूप से बनाए रखना है।मृदा वैज्ञानिकों का कहना है कि इस जैविक तत्व के बिना मिट्टी की मृत्यु निश्चित है। इस घटना को ‘मिट्टी का विलुप्त होना’ भी कहा जा रहा है। रायसेन में ‘सेव सॉइल यात्रा’ का और सद्गुरु बाबा जग्गी वासुदेव का स्वागत किया गया। सद्गुरु ने कहा कि हम एक बड़े संकट से गुजरने वाले हैं।
अब बहुत जरूरी हो गया है कि हम मिट्टी को बचाने के लिए बड़ी मुहिम चलाएं। ताकि इस दिशा में सही निर्णय लिए जा सकेंं। मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और जहां आवश्यक है।वहीं उसे पुनर्जीवित करने के उपाय शीघ्र अपनाने होंगे। हमारी वर्तमान की गतिविधियां भविष्य निर्माण का मार्ग तय करेंगी।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कैंपेन का समर्थन किया है ।सेव सॉइल को लेकर विश्व से आह्वान कर जागरुक होने का 5 सूत्रीय मंत्र भी साझा किया है।
गोपालपुर बायपास जोड़ पर पहुंचे सद्गुरु….
सद्गुरु यहां से भोपाल रवाना हुए। वे मिट्टी बचाओ अभियान के तहत बाइक से 26 देशों की यात्रा कर वापस भारत लौटे हैं।
मुरम, मिट्टी की मची लूट….आह शासन वाह प्रशासन
किसानों की आपसी स्पर्धा को जिलेभर में वेयरहाउस निर्माण का जोरशोर से होड़ लगी हुई है।वेयरहाउसों की पूरनी करने और निजी तालाब निर्माण कराए जाने की आड़ में जहां मन चाहा वनभूमि राजस्व और माइनिंग विभाग की जमीनों पर मुरम कोपरा बोल्डरों सहित काली मिट्टी का बड़े पैमाने पर अवैध रूप से जेसीबी मशीन से उत्खनन कर परिवहन कर यह गोरखधंधा जमकर चल रहा है।तमाम शिकवा शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी गर्मी के तपन उमस भरे मौसम में बजाय खनिज माफियाओं पर कार्रवाई वाहनों की धरपकड़ कर जुर्माने की कार्यवाही कराने की ऐसी रूम में तफरीह करते नजर आ रहे हैं।इससे शासन प्रशासन को हर महीने लाखों की रॉयल्टी की चपत लग रही है।लोगों की सलाह है कि जिम्मेदार विभागों के अफसरों पर कलेक्टर अरविंद दुबे को आदेश देकर मौके पर भेज कार्यवाही कराना चाहिए।
बिछने लगी चुनावी बिसात….
निर्वाचन आयोग मप्र के आदेश पर एक दशक बाद नगर सरकार और गांव की सरकार चुनने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा की जा चुकी है। गांव की सरकार बनाने के लिए प्रत्याशियों के नामांकन फार्म भरने की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। जिसके चलते गांवों में चौक चौपालों पर हर तरफ बस सिर्फ एक ही बात चल रही है।हम तो आपको ही वोट देंगे तुम गांवों के विकास जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देना।



