मध्य प्रदेश

मृत महिला के खाते से निकल गई राशि, सेंट्रल बैंक सिहोरा का मामला, मामला दर्ज करवाने भटक रहा फरियादी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । उपरोक्त समाचार का शीर्षक पढ़कर चौकियें मत। ये सत्य है। उपरोक्त पूरा कारनामा सेंट्रल बैंक सिहोरा में पदस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया है जिसमें एक मृत महिला के खाते से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा राशि निकाली गई है।
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में शिकायतकर्ता मंजूर अहमद पिता स्व. खुदावक्श वार्ड क्र.17 अली नगर खितौला जिला जबलपुर द्वारा बताया गया कि उनकी मां स्व. बसीरन बी का स्वर्गवास दिनांक 23.02.2021 को हो गया है। मंजूर अहमद की मां अपने जीवनकाल में एक खाता सेंट्रल बैंक शाखा सिहोरा में संचालित करती थी जिसका बचत खाता क्रमांक-4048304302 है। मां की मृत्यु उपरांत घर में एक पासबुक मिली जो सेंट्रल बैंक शाखा सिहोरा की थी। मंजूर अहमद द्वारा उपरोक्त पासबुक लेकर सेंट्रल बैंक गया जहां पर बैंक अधिकारी द्वारा बताया गया कि उक्त बसीरन बी के खाते में मात्र 200 रुपये शेष है। संबंधित अधिकारी द्वारा बताया गया कि दिनांक 30.11.2021 को 25,400/- रुपये बसीरन बी का अंगूठा लगाकर राशि आहरित की गई है। यहां पर सवाल यह उठता है कि जब बसीरन बी का निधन दिनांक 23.2.2021 को हो गया तो आखिर उनके खाते से उनका अंगूठा लगाकर दिनांक 30.11.2021 को राशि किसके द्वारा निकाली गई। चूंकि राशि निकासी दिनांक से पहले ही बसीरन बी का निधन हो गया है ऐसे में उनके हस्ताक्षर किसके द्वारा किये गये।
उपरोक्त पूरे मामले में जब बैंक अधिकारियों और थाना प्रभारी सिहोरा द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई तब मजबूर होकर फरियादी द्वारा दिनांक 27.06.2022 पुलिस अधीक्षक जबलपुर को बैंक अधिकारियों पर भारतीय दंड विधान की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने शिकायत सौंपी गई है जो शिकायत वर्तमान में लंबित है।
वहीं शिकायतकर्ता द्वारा जब राशि आहरित करने वाले व्यक्ति का नाम पूछा गया तब बैंक अधिकारियों द्वारा लगातार टाला मटौली की जाती रही लेकिन जैसे ही इस संबंध में शिकायत उच्च अधिकारियों को की गई तब बैंक अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मोहम्मद इरशाद पिता मोहम्मद साबिर निवासी- वार्ड नं.12 अली नगर खितौला बस्ती, थान-खितौला जिला जबलपुर नामक व्यक्ति द्वारा उपरोक्त राशि आहरित की गई है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि मोहम्मद इरशाद के द्वारा जालसाजी कर और झूठे दस्तावेज के आधार पर अपने आधार कार्ड में पिता का नाम मोहम्मद साबिर करवाया है जबकि उसके पिता का सही नाम मोहम्मद वारिश है।
बैंक प्रबंधन की भूमिका संदेह के घेरे में
इस मामले में बैंक प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। चूंकि उक्त खाता संचालक महिला बसीरन बी का निधन दिनांक 23.02.2021 को हो गया राशि की निकासी दिनांक 30.11.2021 को की गई और जब राशि निकालने वाले व्यक्ति का नाम पता चला इसके बाद भी बैंक प्रबंधन द्वारा उपरोक्त व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज नहीं करवाया गया जो संदेह के घेरे में प्रतीत हो रहा है।

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