मध्य प्रदेश

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित विश्वरंग पुस्तक यात्रा पहुंची सिलवानी और बम्होरी

रायसेन पुस्तक यात्रा टीम द्वारा जर्मन टूरिस्टों और काशी विश्वनाथ से आए साधुओं के दल के साथ साझा की गई पुस्तक यात्रा की विस्तृत जानकारी
पुस्तक संघर्ष की साथी है : अनीश धाकड़
सामान्य ज्ञान, स्वरचित कविता, निबंध प्रतियोगिता, चित्रकला, फेस पेंटिंग आदि माध्यमों में विजेता विद्यार्थियों को ट्राफी और सर्टिफिकेट से पुरस्कृत किया गया
सिलवानी। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल की ओर से विश्व रंग के पूर्व जन–जन में पुस्तक संस्कृति की अलख जगाने के लिए 22 से 30 सितंबर 2022 तक “विश्व रंग पुस्तक यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 22 सितंबर से प्रारंभ होकर 30 सितंबर के बीच देश के 100 जिलों, 200 विकासखंडों, 500 ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर पुस्तक संस्कृति की अलख जगाने का अनूठा कार्य कर रही है। इसी तारतम्य में पुस्तक यात्रा पांचवें दिन रायसेन जिले के विदिशा से पहले स्थित कर्क रेखा पहुंची। जहां पर टीम का स्वागत किया गया। इस दौरान मध्य जर्मनी से आए टूरिस्टों से मुलाकात हुई। टीम ने उनसे चर्चा कर पुस्तक यात्रा की जानकारी साझा की। उन्हें यह जानकर अति प्रसन्नता हुई कि भारत में यह अनूठी पहल रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जा रही है। उन्होंने अपने देश में भी इस तरह की पुस्तक यात्रा का आयोजन करने की बात कही। यात्रा टीम गैरतगंज से पहले काशी विश्वनाथ से आ रहे साधुओं के दल वह भी पुस्तक यात्रा से जोड़ा। साधुओं ने आरएनटीयू की इस मुहिम की प्रशंसा की। यहां से टीम अपने अगले पड़ाव सिलवानी और बम्होरी पहुंचती है। सिलवानी नगर में प्रवेश करने से पहले ही बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी यात्रा टीम का स्वागत और अभिनंदन करते हैं। स्वागत उपरांत पुस्तक यात्रा टीम शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलवानी पहुंचती है। यहां कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सिलवानी के नायब तहसीलदार अनीश धाकड़, सिलवानी के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेश रघुवंशी, विद्यालय के प्राचार्य नर्मदा प्रसाद शिल्पी, आरएनटीयू के उपकुलसचिव डॉ. अनिल तिवारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में सिलवानी के शिक्षकगण, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
इस अवसर पर अनीश धाकड़ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकें संघर्ष की साथी है। डिजिटल माध्यम भी आवश्यक है लेकिन पुस्तकों से हम सीधा बातचीत करते हैं। पुस्तकों के माध्यम से आप अपना भविष्य संवार सकते हैं। इसलिए पुस्तकों से मित्रता कीजिए। अपने विषय के अलावा भी अलग-अलग विधाओं की पुस्तकों को पढ़िए। इससे आपको आगे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में काफी सहायता प्राप्त होगी। वही नरेश रघुवंशी ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि आरएनटीयू की यह अनूठी पहल अत्यंत ही सराहनीय है। आज के दौर में इस पहल की नितांत आवश्यकता थी जो कि आरएनटीयू ने पूरी की है। विद्यालय के प्राचार्य ने यात्रा टीम और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
पुस्तक यात्रा संयोजक डॉ. अनिल तिवारी ने विश्वविद्यालय और विश्वरंग की रूपरेखा को विस्तृत रूप से साझा किया। साथ ही बताया कि अब यह पुस्तक यात्रा 27 सितंबर 2022 को उदयपुरा के लिए रवाना हो जाएगी। इस अनूठी यात्रा में उनके साथ मंजेश ठाकुर, विजय प्रताप सिंह, उपेंद्र पटने, सिलवानी आईसेक्ट शाखा प्रबंधक भूपेंद्र मुंडेले और किशोर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इसके उपरांत क्वीज़, स्वरचित कविता, निबंध प्रतियोगिता, चित्रकला और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। वहीं प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को ट्राफी और सर्टिफिकेट से पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों को पुस्तकें भेंट की गई और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ पुस्तक यात्रा टीम जन जागरूकता हेतु रैली निकालती है। रैली के उपरांत टीम नगर भ्रमण करती है। फिर पुस्तक यात्रा अपने अगले पड़ाव बम्होरी के लिए रवाना हो जाती है। बम्होरी के नगर द्वार पर पहुंचते ही टीम का स्वागत किया जाता है। स्वागत उपरांत टीम बम्होरी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचती है। यहां पर विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी टीम का तालियां बजाकर स्वागत करते हैं।

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