डॉक्टरों ने काली पटटी बांधकर किया कार्य, कल 17 फरवरी से जाएंगे हड़ताल पर
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । 17 फरवरी से प्रदेश भर के डॉक्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने वाले है हड़ताल के चलते अस्पतालों में मरीजों के लिए उपचार के लिए परेशान होना पड़ेगा और कई अस्पताल ऐसे होंगे जहां इलाज पूरी तरह बंद हो जाएगा । सरकार के खिलाफ एकजुट हुए डॉक्टरों की हड़ताल का असर दिखने लगा है। सिविल अस्पताल में बुधवार को डॉक्टरों ने काली पटटी बांधकर कार्य किया और शासन के खिलाफ विरोध जताया।
हड़ताल को लेकर सिविल अस्पताल में बुधवार को डॉ. बीएस शिल्पी, डॉ. सत्यम सोनी ने काली पटटी बांधकर कार्य किया, गुरूवार को सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक ही कार्य करेंगे जिसके बाद कार्य बंद रहेगा और 17 फरवरी से सभी डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे।
डॉ. बीएस शिल्पी ने बताया कि शासकीय चिकित्सक महासंघ के बैनर तले डॉक्टरों की हड़ताल में प्रदेश के करीब दस हजार से अधिक डॉक्टर शामिल होंगे महासंघ की ओर से चिकित्सा बचाओ, चिकित्सक बचाओ यात्रा पूरे प्रदेश में निकाली जा रही है जो भोपाल पहुंची है और सभी डॉक्टरों का समर्थन हासिल किया है तथा आंदोलन की घोषणा की है। जो कि कल 17 फरवरी से हड़ताल शुरू कर आंदोलन का बिगुल बजाया जाएगा । उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में लंबे समय से डॉक्टरों का प्रमोशन रुका है, वेतन विसंगतियां भी हैं, सही समय पर डॉक्टरों की पदोन्नति भी नहीं हुई है, डीएसीपी लागू करने, पुरानी पेंशन बहाली और मेडिकल वर्क में अधिकारियों के दखल अंदाजी जैसी मांगों को लेकर सभी डॉक्टर आंदोलन पर हैं, प्रदेश भर के सभी डॉक्टर सरकार की नीतियों से संतुष्ट नहीं हैं. बीते 5 सालों से डॉक्टरों की समस्याओं को कोई समाधान नहीं हुआ है।
हड़ताल से पडेगा असर –
डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों के इलाज पर भारी असर पढेगा, वर्तमान में मौसमी बीमारियों ने लोगों को परेशान कर रखा है, अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढने से भींड़ लग रही है हड़ताल शुरु होने से कई डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे जिससे मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ सकता है।




