क्राइम

रिश्वत मांगने वाले पटवारी को न्यायालय ने सुनाई सजा

नक्शा नामांतरण व बही बनाने के एवज में मांगी गई थी रिश्वत
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, श्रीमती डॉ. आरती शुक्‍ला पाण्‍डेय जिला दमोह ने आरोपी  खिलान सिंह लोधी पिता चरनसिंह लोधी उम्र 57 वर्ष (तत्‍कालीन पटवारी, ग्राम हिंडोरिया जिला दमोह) निवासी ग्राम बांदकपुर थाना हिण्‍डोरिया तहसील व जिला दमोह को आरोपी खिलान सिंह लोधी को दोषसिद्ध पाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 07 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 13(1)(डी) सहपाठित 13(2) मे 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 6000 रु. अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया।
घटना का विवरण:दिनांक 18 फरवरी 2018 को आवेदक भरत कुमार चौरसिया पिता गजाधर चौरसिया उम्र 43 वर्ष निवासी ग्राम हिंडोरिया जिला दमोह ने अनावेदक खिलानसिंह लोधी (पटवारी हल्का ग्राम हिंडोरिया जिला दमोह) के विरूद्ध रिश्वत मांग संबंधी पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर के समक्ष प्रस्तुत किया था कि इसकी ग्राम हिंडोरिया में किराना की दुकान है, वर्ष 2008 में अपनी पत्नि कुसुम चौरसिया के नाम से ग्राम हिंडोरिया में 2800 वर्गफुट का प्लाट क्रय किया था, जिसका नक्शा नामांतरण व बही बनाने के एवज में ग्राम हिंडोरिया में पदस्थ पटवारी खिलान सिंह लोधी द्वारा 12000/-रू की मांग की जा रही है, वह पटवारी को पूर्व में 5000/रू दे चुका है,आवेदक, अनावेदक को रिश्वत नहीं देना चाहता है, बल्कि उसे रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़वाना चाहता है। प्रस्तुत शिकायत के सत्यापन हेतु रिश्वत माँग संबंधी बातचीत रिकॉर्ड की गई । उक्त तस्दीकोपरांत दिनांक 21 फरवरी 2018 को निरीक्षक राजेश खेड़े के निर्देशन में ट्रेप का आयोजन किया गया। ट्रैप कार्यवाही के दौरान लोकायुक्त पुलिस के द्वारा आरोपी के निज कार्यालय से आरोपी से रिश्वत राशि रूपये 6000 बरामद की गई। समस्त कार्यवाही एवम विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय  भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दमोह के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामला न्यायालय में आने के बाद दस्तावेजी साक्ष्य एवं मौखिक साक्ष्य व अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्को से सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आज दिनाँक 28 नवंबर 2023 को पारित निर्णय में आरोपी खिलान सिंह लोधी (तत्‍कालीन पटवारी, ग्राम हिंडोरिया जिला दमोह) को दोषसिद्ध पाते धारा 07 में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 13(1)(डी) सहपाठित 13(2) मे 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 6000 रु. अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया ।
अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अनंत सिंह ठाकुर एवं सतीश कपस्या द्वारा प्रभारी जिला अभियोजन अधिकारी कैलाश चंद पटेल के मार्गदर्शन में की गई।

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