मध्य प्रदेश

लगातार बस्तियां में रहते हैं, ICICI Bank के बिजनेस ने बैंक में तूफानी तूफ़ान, रेस्टोरेंट तक पहुंच का मामला बनाया

सिलवानी। आईसीआईसीआई बैंक षाखा सिलवानी में ग्राहकों के साथ फिर धोखाधड़ी किये जाने का मामला सामने आया है। परेषान उपभोक्ता ने बैंक षाखा में जाकर जमकर खरी खोटी सुनाई। मामला बिगड़ने पर पुलिस थाने में दोनों पक्षों को बुलाया गया।
पीडित इलयाज ताज ने बताया कि मेरी जमीन पर बिना लोन लिये बंधक कर दी गई है। जब मैंने रतिराम प्रजापति से 2020 में कृषि भूमि खरीदी थी तब उस भूमि पर किसान क्रेडिट खाते का 6 लाख 25 हजार रूपये बकाया था। तब मैंने 5 लाख 25 हजार नफीस अहमद के खाते से और एक लाख रूपये मेरे खाते से उक्त खाते में राषि जमा कर किसान क्रेडिट खाता को बंद किया गया था। बैंक से एनओसी मांगने पर बोला गया था एक माह बाद मिलेगी, आप रजिस्टी कराले। अब मुझे रूपयों की आवष्यकता पड़ी तो मैंने एसबीआई से किसान के्रडिट खाते के लिए आवेदन किया तो मालूम हुआ कि उक्त जमीन बंधक है। इसके बाद बैंक से रतिराम प्रजापति के खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उसमें 7 लाख रूपये की राषि बकाया है। रतिराम ने बताया मैंने जमीन बेंचने के बाद कोई राषि नहीं निकाली।
इलयाज ताज ने इसकी षिकायत चार माह पहले भी बैंक एवं पुलिस थाने में की थी जिसकी सुनबाई नहीं होने पर ष्षुक्रवार को बैंक में हंगामा हो गया और बड़ी संख्या में लोग इकत्रित हो गये। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया और आईसीआईसीआई बैंक षाखा कृष्णासिंह ने एक माह में जांच कर फरियादी को एनओसी देने की बात कही है।
इसके पूर्व में रविन्द्र विश्वकर्मा पिता मुंशीलाल विश्वकर्मा निवासी ग्राम मगरमौली के आईसीआईसीआई बैंक शाखा सिलवानी में खाता क्रमांक 365251000817 से 24 जुलाई 2023 को 320,000 तीन लाख बीस हजार रूपया निकाल लिये गये मैंने यह जानकारी अपने मोबाईल पर संदेश आने पर पता चला और 10 अगस्त 2023 को मेरे केसीसी खाते में 1,10,000 की राशि जमा का संदेश आ गया है मैंने न कोई राशि जमा की है और ना ही निकाली। फरियादी रविन्द्र विष्वकर्मा ने बैंक कर्मचारी दीपक कुषवाहा मेरे पास आया और मुझसे दो चैक यह बोल के लिये गये कि आपके व्याज बकाया है उसमे लग रहे है। जिसकी षिकायत थाने में करने के बाद 210000 दो लाख दस हजार रूप्ये जमा कर दिये। इस पर आईसीआईसीआई बैंक षाखा कृष्णासिंह ने बताया कि उक्त मामले दो कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हुई जिन्हें निलंबित कर दिया गया और हेड आॅफिस की टीम जांच कर रही है। उक्त राषि गाडरवारा बैंक से निकाली गई थी।

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