साईंखेड़ा कृषि मंडी को लेकर नागरिक उपभोक्ता मंच ने दिया ज्ञापन
15 दिनों का अल्टीमेटम मंडी चालू नही हुई तो करेंगे याचिका दायर
रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा । गुरुवार को सामाजिक संगठन नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच जिला नरसिंहपुर द्वारा प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड भोपाल के नाम गाडरवारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को एक ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन में मांग की गई कि साईंखेड़ा में पिछले 43 साल पहले से बनी कृषि उपज मंडी जो आज तक चालू नही हो पाई है जिसका हाल ही में कुछ सालों पूर्व ही करोड़ों की लागत लगाकर उन्नयन किया गया था । वावजूद उसके इतने साल बीत जाने के पश्चात कृषि उपज मंडी शुरू नही हो सकी । नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्यों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि 15 दिनों के अंदर मंडी को चालू किया जाए अन्यथा वह क्षुब्ध होकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने के क्लियर बाध्य होंगे।
मंत्री कमल पटैल ने किया था उद्घाटन
कृषि मंत्री कमल पटैल ने 13 जनवरी 2021 को उक्त मंडी का उन्नयन होने पर उद्घाटन किया था लेकिन मंत्री जी के उद्धघाटन करने के बाद भी आज तक इस मंडी को प्रशासन चालू नही करा पाया है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के किसानों को उठाना पड़ रहा है। मंडी के चालू नही होने के कारण साईंखेड़ा में व्यापारियों की चांदी हो रही है किसानों ने पूर्व में भी अनेको बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है लेकिन वावजूद इसके इस ओर ध्यान नही दिया गया।
अतिक्रमण की चपेट में मंडी प्रांगण
ज्ञापन में उपभोक्ता मंच ने अतिक्रमण का भी जिक्र किया है कहा गया है कि मंडी प्रांगण में आसपास मंडी की जमीन में स्थानीय लोगों के द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। रास्ता भी अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। ज्ञापन के माध्यम से शीघ्र मंडी की जमीन का सीमांकन करवाकर अतिक्रमण हटाने की भी मांग की गई है।
खंडहर में तब्दील हुई मंडी
देखरेख के अभाव में मंडी प्रांगण में झाड़ झंखाड़ उग गए हैं प्रशासनिक उदासीनता के चलते किसानों को अपनी फसल को बेंचने के लिए 30 किलोमीटर दूर गाडरवारा मंडी आना पडता है। जिसके कारण कम फसल लेकर किसान गाडरवारा नही आ पाते किसानो को कम दामों में साईंखेड़ा में ही व्यापारियों और दलालों को अपनी फसल को बेचना पड़ता है। ज्ञापन देते समय नागरिक उपभोक्ता मंच से आश्रिता पाठक, अरविंद स्थापक, अभिषेक मेहरा, तरुण सेन, सज्जाद अली, शिवकुमार कौरव, विजय आहूजा, इमरान खान, पवन कौरव आदि मौजूद रहे।



