पर्यावरणमध्य प्रदेश

सिंचाई के अभाव में कोविड सेंटर परिसर में लगे नारियल के आधे दर्जन पेड़ सूख रहे, जिम्मेदार विभाग के अधिकारी बने खामोश

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। शहर के इंडियन चौराहे पर जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा बनाए गए कोविड सेंटर भवन प्रांगण में लगभग महंगे 6 नारियल के पेड़ लगाए गए हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक स्वास्थ्य कर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। बताया जाता है कि इस स्वास्थ्य कर्मचारी को यह जिम्मेदारी मिली है कि इन महंगे नारियल पेड़ों की देखभाल करना। साथ ही दोनोँ टाइम पानी से सिंचाई करना।लेकिन ऐसी चर्चा चल रही है कि महीनों से ड्यूटी पर तैनात वह स्वास्थ्य कर्मचारी गायब है। उस लापरवाह कर्मचारी ने उक्त पेड़ों की देखरेख तो दूर की बात यहां आकर नारियल पेड़ों की सिंचाई कराना तक मुनासिब नहीं समझा गया है।नतीजन सिंचाई के अभाव में एक के बाद एक पूरे 6 नारियल पेड़ सूखने लगे हैं। अगर इन पेड़ों की समय पर सिंचाई नहीं की गई तो वह पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगे।
इधर युवा नोमान खान, गुलाब राज कुशवाहा, राजू शाक्या, असलम पायलट का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मचारी के मनमाने रवैये की वजह से वह दिन दूर नहीं सूखकर नष्ट हो जाएंगे। इसीलिए स्वास्थ्य महकमे के आला अफसरों को चाहिए कि कोविड सेंटर की बिल्डिंग परिसर में लगे नारियल पेड़ों में खाद पानी देकर उन्हें सुरक्षित बचाया जाए। ताकि प्रकृति के पर्यावरण को बढ़ावा मिल सके।
इस संबंध में डॉ विनोद परमार आरएमओ जिला अस्पताल रायसेन का कहना है कि बोर में जल स्तर सूख गया था। शायद इसीलिए नारियल पेड़ों की देखभाल और समय पर सिंचाई नहीं हो सकी थी।मिनी टेंकरों से भी जलापूर्ति कराई लेकिन वह भी नाकाफी साबित हुई।इसमें हमारा कोई कसूर नहीं है।

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