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03 जुलाई 2024 : जुलाई का पहला प्रदोष व्रत? किस समय करें पूजा और रुद्राभिषेक? नोट कर लें तारीख, मुहूर्त

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
—-••●☆सब शिव है☆●••—-
🔮 03 जुलाई 2024 : जुलाई का पहला प्रदोष व्रत? किस समय करें पूजा और रुद्राभिषेक? नोट कर लें तारीख, मुहूर्त
🔘 HIGHLIGHTS
▪️ पंचाग के अनुसार, हर महीने प्रदोष व्रत रखा जाता है।
▪️ प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है।
▪️ इस व्रत को करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
👉🏽 हिंदू धर्म में हर साल शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा-आराधना करने से भक्तों की मनचाही मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 3 जुलाई बुधवार के दिन पड़ रहा है। इसलिए इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाएगा। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से बुध प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त, पूजाविधि
⚛️ प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का शुरुआत 3 जुलाई को सुबह 07: 10 एएम पर होगी और 4 जुलाई को सुबह 05: 54 एएम मिनट पर समाप्त होगी। इसलिए उदया तिथि के अनुसार, 3 जुलाई दिन बुधवार को बुध प्रदोष व्रत रखा जाएगा।
🕉️ प्रदोष काल पूजा का मुहूर्त
प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में शिव-गौरी के पूजन का बड़ा महत्व है। इस दिन शाम 07: 23 पीएम से लेकर रात 09: 24 पीएम तक प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त बन रहा है।
🙇🏻 बुध प्रदोष की पूजा विधि
बुध प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नानादि के बाद स्वच्छ कपड़े धारण करें। घर के मंदिर की साफ-सफाई करें। शिवजी का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग का जलाभिषेक करें। शिवजी को धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें। प्रदोष व्रत में सायंकाल पूजा का बड़ा महत्व है। इसलिए दिनभर उपवास रखें और शाम को स्नानादि के बाद फिर से प्रदोष काल में शिवजी पूजा आरंभ करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, फल, फूल, धतूरा,आक के फूल और भस्म अर्पित करें। इसके बाद शिवजी के बीज मंत्र ऊँ नमः शिवाय का 108 बार जाप करें। अंत में शिवचालीसा का पाठ करें और सभी देवी-देवताओं के साथ शिवजी की आरती उतारें।
💮 सर्वार्थ सिद्धि योग में प्रदोष व्रत
बुध प्रदोष व्रत वाले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बना है, जो पूरे दिन रहेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग यानी वह योग जिसमें आप जो भी कार्य करते हैं, वह सफल सिद्ध होता है. उस दिन रोहिणी नचक्ष सुबह से लेकर अगले दिन 04:07 ए एम तक है.
💧 प्रदोष व्रत 2024 रुद्राभिषेक समय
प्रदोष व्रत के दिन यानी 3 जुलाई को शिववास नंदी पर प्रात:काल से लेकर सुबह 7 बजकर 10 मिनट तक है और उसके बाद शिववास भोजन में है. प्रदोष व्रत वाले दिन भक्त सूर्योदय के बाद से रुद्राभिषेक कर सकते हैं.
🤷🏻 प्रदोष व्रत रुद्राभिषेक महत्व
प्रदोष व्रत और शिवरात्रि का पर्व रुद्राभिषेक करने के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है. अगर आप सोमवार को जब शिववास हो, तो उस समय भी रुद्राभिषेक कर सकते हैं. इसके अलावा आप सावन मास में किसी भी दिन रुद्राभिषेक कर सकते हैं. इस दिन प्रदोष काल में पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और पूजा का भी पूरा फल मिलता है. प्रदोष व्रत के दिन भोलेनाथ का रुद्राभिषेक जरूर करना चाहिए.
💁🏻 प्रदोष व्रत का महत्व
हर महीने में दो बार प्रदोष व्रत रखा जाता है. इस दिन व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान सुख प्राप्त होता है. साथ ही सभी रोग और दोष दूर हो जाते हैं. भगवान शिव कृपा से निर्धन व्यक्ति भी धनवान हो जाता है. प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को सुख और सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहती है. इसके अलावा, प्रदोष व्रत करने से भक्तों को शिवजी की असीम कृपा बरसती है. पौराणिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से भोलेनाथ की कृपा से लोगों के दुख-दर्द दूर होते हैं और हर काम में सफलता प्राप्त होती है.

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