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04 फ़रवरी 2025 : माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
श्री हरि
🧿 04 फ़रवरी 2025 : माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी मनाई जाती है। माना जाता है कि यह दिन भगवान सूर्य के प्रति समर्पित है, इस दिन सूर्यदेव की पूजा होती है। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया कि माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर सूर्य देव का अवतरण हुआ था। इस कारण इस दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि आत्मा के कारण सूर्य देव की पूजा करने से आरोग्य जीवन का वरदान मिलता है। साथ ही करियर और कारोबार में तरक्की होती है। आइए जानते हैं कि रथ सप्तमी कब मनाई जाएगी…_
⚛️ कब मनाई जाएगी रथ सप्तमी?_
हिंदू पंचांग के मुताबिक, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत बसंत पंचमी के बाद 4 फरवरी को सुबह 4.37 बजे हो रही है, जो 5 फरवरी की देर रात 02.30 बजे तक रहेगी। चूंकि सनातन धर्म में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, ऐसे में 4 फरवरी को ही रथ सप्तमी मनाई जाती है। वहीं, रथ सप्तमी के दिन स्नान का शुभ समय 5.23 बजे से 07.08 बजे तक है।
🤷🏻‍♀️ बन रहा ये शुभ योग
आचार्य श्री गोपी राम के मुताबिक, रथ सप्तमी तिथि को बेहद शुभ योग बन रहा है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इनके अलावा, अमृत सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में सूर्य देव की उपासना करने से जातक को सभी प्रकार के सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
इस दिन जातक को ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। दिन की शुरुआत सूर्य देव को प्रणाम कर करें। इसके बाद घर के सभी जरूरी काम निपटा लें और स्नान करें। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य दें और विधि विधान से सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा करें। पूजा के बाद जरूरतमंदों को दान आदि करें।
🌇 प्रात: काल में सूर्य को अर्घ्य दें
रथ सप्तमी के दिन उगते समय ही भगवान सूर्य को जल जरूर अर्पित करना चाहिए, इस कारण जातक सुबह जल्दी उठें और स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दें। याद रहे कि अर्घ्य देना वाला पात्र तांबे का हो। जल में लाल चंदन, चावल, लाल-फूल और कुश आदि डालें। इसके बाद ही सूर्य देव को मंत्रों के साथ जल अर्पित करें। इससे जातक को अपार धन और यश की प्राप्ति होगी।
💰 दान करें ये चीजें
रथ सप्तमी पर सूर्य देव की विधि-विधान से पूजा करें, साथ ही उपवास रखें। इसके अलावा जातक को तांबे का बर्तन, लाल वस्त्र, गेहूं, माणिक्य, लाल चंदन, लाल रंग की चीजें दान करें
📖 मंत्रों का जप करें
रथ सप्तमी के दिन सूर्य को अर्घ्य देते समय जातक को सूर्य मंत्र का जप करना चाहिए। नीचें कुछ मंत्र बता जा रहे हैं…_
ऊँ आदित्याय विदमहे प्रभाकराय धीमहितन्न: सूर्य प्रचोदयात्।।_*
ऊँ सप्ततुरंगाय विद्महे सहस्त्रकिरणाय धीमहि तन्नो रवि: प्रचोदयात्।।

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