नेशनल लोक अदालत के माध्यम से शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास किया जाता है : विशेष न्यायाधीश
दमोह का परफारमेंस अच्छा रहा है- कलेक्टर अग्रवाल
लोक अदालत का कांसेप्ट त्वरित न्याय दिलाने का है, जो की पूर्ण सफल रहा-पुलिस अधीक्षक तिवारी
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । इस साल की आखिरी नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ मॉ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया । इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश शरतचंद सक्सेना, जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष अंबुज पाण्डेय, कलेक्टर मयंक अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक सुनील तिवारी सहित शासकीय अभिभाषक, अधिवक्तागण मौजूद थे। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश शरतचंद सक्सेना ने कहां लोक अदालत के माध्यम से शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास किया जाता हैं और विगत तीनों नेशनल लोक अदालत में हमारा दमोह जिला सर्वोत्तम स्थिति में रहा है, और शीर्ष स्थिति में रहा है। मुझे पूरा विश्वास है, इस बार भी हम लोग पहले से बेहतर करके अधिक प्रकरणों का निराकरण करेंगे।जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अम्बुज पाण्डेय ने बताया आज साल की अंतिम लोक अदालत है और दमोह जिले में 17 खंडपीठ बनाई गई है। बिजली में और नगर पालिका में भी अच्छी छूट दी गई है और जिस तरह से दमोह हमेशा प्रथम आता रहा है, इस बार भी कोशिश रहेगी कि ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों के निराकरण हो जाए। इसकी सबसे बड़ी विशेषता होती है कि इसमें ना कोई जीतता है और ना कोई हारता है, एक समझौता वाला मार्ग होता है जिससे लिटिगेशन कम हो और कोर्ट में कम दबाव हो, यही सबको शुभकामनाएं हैं सभी ज्यादा से ज्यादा इसमें सहभागिता निभाएं, अधिवक्ताओं से भी यही अपील है। अधिवक्ताओं का अच्छा सहयोग रहा है। कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने कहा आज 9 दिसंबर को इस साल की आखिरी लोक अदालत है, लोक अदालत में जो मामले अभी तक सॉल्व नहीं हुए हैं, उनको समझौते के माध्यम से सॉल्व किया जाता है और आज भी यही कोशिश रहेगी, जो ऐसे मामले हैं उनको समझौते के माध्यम से एक ही दिन में सॉल्व कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा दमोह का परफॉर्मेंस हमेशा अच्छा रहा है, साल के पहले जो लोक अदालत हुई थी उसमें भी बहुत अच्छा प्रदर्शन रहा और इस बार भी यही कोशिश रहेगी की बाकी जिलों से अच्छा प्रदर्शन रहे। पुलिस अधीक्षक सुनील तिवारी ने कहा लोक अदालत का कॉन्सेप्ट त्वरित न्याय दिलाने का है, जो की पूर्ण सफल रहा है। पूर्व में भी सभी के अथक प्रयासों और अथक परिश्रम से काफी सफल कार्यक्रम हुए हैं। मैं पूर्ण विश्वास के साथ कह सकता हूं इस बार भी हम इसमें बहुत अधिक सफलता प्राप्त करेंगे।



