कृषि

कृषक बंधुओं को बीज बनाने हेतु 4 किलो के बीज मिनीकिट वितरित किए जा रहे हैं जो पूर्णत: नि:शुल्क

किसान बंधुओ से उपसंचालक कृषि दमोह ने की अपील
किसी प्रकार की कोई समस्या आने पर उपसंचालक कृषि दमोह के मोबाइल नंबर 9548210591 पर संपर्क कर सकते हैं

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । उपसंचालक कृषि दमोह जे.एल. प्रजापति ने कृषकों से आग्रह करते हुए कहा कृषि विभाग द्वारा बीज वितरण चल रहा हैं, शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार किया जा रहा हैं। बीज वितरण अंतर्गत कृषक बंधुओं को बीज बनाने हेतु 4 किलो के बीज मिनीकिट के वितरित किए जा रहे हैं जो पूर्णत: नि:शुल्क हैं। एक किसान को एक ही मिनीकिट का वितरण योजना प्रावधान अनुसार किया जायेगा। फसल प्रदर्शन का बीज किसान बंधुओं को एमपी किसान पोर्टल 2.0 पर पंजीयन करने के उपरांत कैफेटेरिया का पालन करते हुए बीज वितरण का प्रावधान हैं।
उन्होंने कहा फसल प्रदर्शन में कैफेटेरिया के अंतर्गत बीज/मृदा उपचार हेतु राइजोबियम कल्चर, पीएसबी कल्चर एवं ट्राइकोडर्मा कल्चर का उपयोग किया जाना अनिवार्य हैं। इसके साथ ही कैफेटेरिया के अंतर्गत सूक्ष्म पोषक तत्व पौध संरक्षण औषधि कीटनाशी, खरपतवारनाशी फफूंदनाशी आदि का उपयोग करने पर कैफेटेरिया अनुसार कृषकों द्वारा सामग्री क्रय करने पर निर्धारित प्रारूप में बिल प्रस्तुत करने पर एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा सत्यापन उपरांत डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भुगतान किया जाएगा। यदि कैफेटेरिया का पालन नहीं होता है तो वह प्रदर्शन मान्य नहीं होगा उन्होंने कहा किसान बंधुओं को विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं में बीज प्रमाणीकरण संस्था से प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। दमोह विकासखंड में अमानक बीज वितरण से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई थी उस बीज का नमूना लेकर फोटोग्राफी एवं वीडियो ग्राफी की गई है तथा प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा गया है यदि बीज अमानक पाया जाता है तो संबंधित संस्था के विरुद्ध बीज अधिनियम 1966 एवं बीज(नियंत्रण) आदेश 1983 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा प्रदर्शन का बीज नि:शुल्क हैं परंतु प्रदर्शन में उपयोग होने वाली कैफेटेरिया अनुसार सामग्री का उपयोग किया जाना अनिवार्य हैं। कैफेटेरिया की सामग्री निःशुल्क नही हैं। कैफेटेरिया के अंतर्गत कल्चर, सूक्ष्म पोषक तत्व, पौध संरक्षण औषधि जैसे कीटनाशी, खरपतवारनाशी फफूंदनाशी आदि का उपयोग करने पर कैफेटेरिया अनुसार कृषकों द्वारा सामग्री क्रय करने पर निर्धारित प्रारूप में बिल प्रस्तुत करने पर एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा सत्यापन उपरांत डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भुगतान किया जाएगा यदि कैफेटेरिया का पालन नहीं होता है तो वह प्रदर्शन मान्य नहीं होगा।उन्होंने कहा प्रदर्शन का बीज अधिकतम 2 हेक्टेयर के क्षेत्र के लिए दिया जा सकता हैंl एक किसान द्वारा एक वर्ष बीज लेने के उपरांत दूसरे वर्ष बीज हेतु पात्र नहीं है। विभाग में एक योजना ये भी है कि किसान बंधु संपूर्ण राशि बीज करे कर प्रमाणित बीज संपूर्ण राशि जमा कर क्रय कर सकते हैं तथा डीबीटी के माध्यम से खाते में अनुदान की राशि भुगतान की जाती है। इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (IPM) के तहत शासन द्वारा इस वर्ष काइंड डीबीटी की गई है जिसके तहत कृषक बंधुओं को कृषक अंश राशि जमा करने पर विभाग द्वारा पौध संरक्षण औषधि जैसे कीटनाशी, खरपतवारनाशी, फफूंदनाशी की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा इंटीग्रेटेड न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट (INM) के तहत काइंड डीबीटी के माध्यम से जैव उर्वरक, कल्चर एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता विभाग द्वारा कृषक अंश राशि जमा करने पर योजना प्रावधान अनुसार की जा रही है। कृषक बंधु भ्रमित ना हो विभाग द्वारा विभिन्न योजनाऐं चलाई जा रही हैं, अलग-अलग योजनाओं में अलग-अलग प्रावधान हैं, किसी प्रकार की कोई समस्या आने पर उपसंचालक कृषि दमोह के मोबाइल नंबर 9548210591 पर संपर्क कर सकते हैं।

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