मध्य प्रदेश

90 साल पुराने पीपल की दो शाखाएं टूटी, तीन मंदिर क्षतिग्रस्त, 8 फीट पीछे खिसका हनुमान मंदिर

रिपोर्टर : मनीष यादव
टीकमगढ़ । जिले के नगर परिषद कारी के प्राचीन दीप सागर तालाब की बंधान पर करीब 90 साल पुराना पीपल का पेड़ लगा है। रविवार सुबह करीब 10 बजे पेड़ की दो बड़ी शाखाएं अचानक टूटकर गिर गईं। हादसे में तालाब की बंधान पर बने 3 मंदिर क्षतिग्रस्त हो गए। हनुमान जी का मंदिर करीब 7-8 फीट पीछे खिसक गया।
लक्ष्मण मंदिर के महंत रामदास महाराज ने बताया कि 65 वर्षीय बैजनाथ विश्वकर्मा के पिता राम प्रसाद विश्वकर्मा ने करीब 90 साल पहले तालाब की बंधान पर पीपल का पेड़ लगाया था। पीपल के पेड़ के नीचे चारों ओर प्राचीन मंदिर बने हैं।
रविवार सुबह अचानक पेड़ की दो शाखाएं टूट कर मंदिरों के ऊपर गिरी। जिससे संतोषी माता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर और हनुमान मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि सुबह आंधी तूफान भी नहीं था। अचानक शाखाएं टूट गई।
78 वर्षीय हरि नारायण तिवारी ने बताया कि पीपल का पेड़ काफी पुराना हो गया है। जिससे उसकी शाखाएं काफी लंबी और दूर तक फैल गई हैं। भीषण गर्मी और ज्यादा वजन के कारण आज दो शाखाएं टूट कर मंदिरों पर गिर गई।
हनुमान जी का मंदिर अपने स्थान से करीब 7-8 फीट पीछे खिसक गया। गनीमत रही कि हादसे के दौरान पेड़ के नीचे श्रद्धालु मौजूद नहीं थे। वरना जनहानि हो सकती थी। क्योंकि हर दिन सुबह से बड़ी संख्या में महिलाएं देवी माता मंदिर में जल चढ़ाने आती हैं।
दिन में भी राह चलते लोग पेड़ की छांव में नीचे बैठ जाते हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ के नीचे और भी कई प्राचीन मंदिर बने हैं। दोबारा इस तरह की घटना ना हो, इसके लिए समय रहते ध्यान देने की जरूरत है।
85 वर्षीय सरजू प्रसाद तिवारी का कहना है कि मंदिरों की सुरक्षा को देखते हुए प्राचीन पेड़ की लंबी-लंबी शाखाओं की छंटाई करना जरूरी है। ताकि दोबारा इस तरह के हादसे ना हो। मंदिरों की सुरक्षा के लिए नगर परिषद को ध्यान देने की जरूरत है।

Related Articles

Back to top button