सिंदूर नदी पर बने डेम की रिपेयरिंग करने वाले ठेकेदार बता रहा ग्रामीणों को दादागिरी
रिपोर्टर : गौरीशंकर लोधी
तेंदुखेड़ा। नरसिंहपुर रायसेन जिले की सीमा पर स्थित सिंधुर नदी में स्टॉप डेम की रिपेयरिंग करने वाले ठेकेदार की दादागिरी देखने को मिली है ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह स्टॉप डैम ग्राम बँधी जिला नरसिंहपुर वही नदी के दूसरी तरफ ग्राम इटुआ जिला रायसेन की सीमा के बीच स्टॉप डेम की रिपेयरिंग करने आए ठेकेदार द्वारा ग्राम पंचायत मदनपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम टपरिया टोला के ग्रामीणों को दादागिरी बता रहे हैं ग्रामीणों का आरोप है गांव के बीचो-बीच से भारी-भरकम डंपर निकाले जा रहे हैं जिसका वजन लगभग 40 टन है जिससे ग्राम पंचायत द्वारा बनवाई गई सीसी सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो ठेकेदार द्वारा आदमी भेजे गए बोल रहे हैं देखते हैं कौन वाहन रोकता है ठेकेदार लड़ने झगड़ने पर उतारू है ग्रामीणों की माने 800 मीटर सीसी रोड माननीय विधायक संजय शर्मा द्वारा विधायक निधि से बनवाई गई थी जो पूरी तरह नष्ट हो चुकी है ठेकेदार बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं की धमकी दे रहा है ग्रामीणों को ग्रामीणों की माने तो विरोध करने के बाद उनको जान को खतरा है।
बिना अनुमति की उठा ली हजारों डंपर मिट्टी।
ग्राम से प्राप्त जानकारी के अनुसार मोजा बँधी में एक किसान के खेत से बिगर खनिज विभाग की परमिशन के बिना हजारों डंफर मिट्टी उठाकर रिपेयरिंग के नाम पर डैम में लगा दी है जिससे मध्यप्रदेश शासन को राजस्व की हानि हुई है प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से वह काम हुआ है ठेकेदार का कहना है
जब ग्रामीण ठेकेदार से शिकायत की बात करते हैं तो ठेकेदार बोलता है कि आप तो शिकायत करआओ हमारा कुछ नहीं होने वाला।
ठेकेदार द्वारा सिंदूर नदी में बड़े-बड़े पत्थर बिंबाये जा रहे हैं जिसका उपयोग डैम रिपेयरिंग में किया जाएगा जबकि पिचिंग के लिए बड़े-बड़े पत्थर लगना है जो किसी स्टोन क्रेशर से खरीदने थे परंतु डेम रिपेयरिंग के नाम पर यहां लीपापोती की जा रही है
पीएचई विभाग के अधिकारी विजिट भी नहीं कर रहे हैं रिपेयर के बाद स्टाप डैम ज्यादा चलने वाला नहीं ।
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार डंपर के चालक शराब में धुत होकर चलाते हैं कल रात में गांव से 20 मीटर दूर एक डंपर पलटने से बाल-बाल बचा हादसा हो सकता था। डंफरो की आवाजाही से छोटे बच्चों को भी जान से खतरा है क्योंकि डंपर चालक गांव में से स्पीड से निकालते हैं।



