बच्चों में आधारभूत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने शिक्षको को दिया प्रशिक्षण
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार ने निपुण भारत अभियान की शुरुआत की है। जिसके तय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रदेश शासन ने इस योजना को मिशन अंकुर नाम देकर देश में सबसे पहले वर्ष 2022-23 से पूरे मध्यप्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया। इसी तारतम्य में प्राइमरी शिक्षकों को पांच दिवसीय ऑफ-लाइन प्रशिक्षण राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल के निर्देशन, जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान, जिला शिक्षा केन्द्र कटनी एवं जनपद शिक्षा केन्द्र ढीमरखेड़ा के मार्गदर्शन में दिनांक 18 मई से 3 जून तक ब्लाक ढीमरखेड़ा के कक्षा पहिली एवं दूसरी पढ़ाने वाले कुल 259 प्राइमरी शिक्षको को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ढीमरखेड़ा में अलग-अलग तीन चरणों मे जिला प्रशिक्षकों सूर्यकांत त्रिपाठी, रमेश कुमार उसरेठे, कमोद प्रसाद चौधरी एवं शरद कुमार चौरसिया द्वारा फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमरेसी पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण में आधारभूत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को प्राप्त करने के लिए नई-नई गतिविधियों, विभिन्न कौशलों के साथ प्रशिक्षित किया गया। एफ एल एन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रशिक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों में आधारभूत बुनियादी दक्षताओं को विकसित करने के लिए इस बार कक्षा पहली एवं दूसरी में बच्चों के अध्यापन हेतु साल भर की नई संयुक्त पाठ योजना तैयार की गई है। जिसे 32 सप्ताहों में बाँटा गया है, जिसके अंतर्गत प्रथम चार सप्ताह जिसे विद्या प्रवेश का नाम दिया गया है, इन सप्ताहों में बच्चों से शिक्षण कार्य ना कराकर उनकी रुचि अनुसार खेल-खेल में पूर्व प्राथमिक शिक्षा का अभ्यास कराया जाएगा। कोरोना काल मे विद्यालय बंद होने के कारण बच्चो के अध्यापन कार्य मे हुए नुकसान को बहु कक्षा शिक्षण की व्यवस्था कर अंतर को प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इसी प्रकार संयुक्त पाठ योजना, टी एल निर्माण एवं बच्चो को स्थानीय परिवेश से जोड़कर बुनियादी भाषा अंकज्ञान की आधारभूत दक्षताओं को हासिल करने के बारे में विस्तृत जानकारियां प्रदान की गई, जिससे शिक्षक माह नवीन सत्र से नई नई गतिविधियों एवं कौशलों के साथ बच्चों को शिक्षण कार्य करा सकें।
18 मई से शुरू हुए प्रशिक्षण में डाइट प्राचार्य बी बी दुबे डाइट व्यख्याता द्वय एन पी श्रीवास्तव, राजेन्द्र असाटी, बीईओ एस एस मरावी, बीआरसीसी विजय चतुर्वेदी आदि शिक्षाविदों ने प्रशिक्षण की मॉनिटरिंग कर अपने अनुभवों एवं मिशन अंकुर के तय लक्ष्यों को शिक्षकों के बीच रख प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए अभियान को सफल बनाने कि अपील की। प्रशिक्षण के सफल संचालन में बीएसी हेमंत सामल, सत्येंद्र गौतम, रामनाथ पटेल, जनशिक्षक अजय पांडेय, बाबूराम मांझी, आशीष चौरसिया, सुशील पटेल, अवसर पटेल का सहयोग रहा।



