सिलवानी में एनआईए द्वारा छापामार कार्यवाही, टीम ने की जांच एवं पूछताछ, पिता ने कहा बच्चा आलिम की पढ़ाई कर रहा है
सिलवानी । सिलवानी के वार्ड नंबर 12 नूरपुरा में एनआईए द्वारा जुबेर मंसूरी के घर छापामार कार्यवाही की करीब 4 घंटे तक कि जाँच पड़ताल पिता और और उसके भाई को भी सिलवानी थाने में भी बिठाकर की घंटो पूंछताछ की गई।
रविवार की सुबह एनआईए दिल्ली की टीम ने सिलवानी नगर के वार्ड 12 नूरपुरा में सफीक मंसूरी के घर पर छापामारी कार्यवाही की घर में सुबह 7 बजे से 11 बजे तक घर की ली तलाशी और गहन जांच कर कागजों को खंगाला।
जुबेर के पिता ने बताया कि परिजनों से बार बार जुबेर के बैंक खाते की जानकारी मांगते रहे अधिकारी।जुबेर के पिता सफीक मंसूरी का कहना है कि जुबेर ताजुल मस्जिद के मदरसे में आलिम की पढ़ाई कर रहा है और उसका बैंक में कोई खाता नहीं है जुबेर के घर पर एनआईए द्वारा प्रत्येक बिन्दुओं की जांच,घर की सघन तलाशी ली गई मोबाइल से लेकर सारी चीजों की छानबीन की गई। वही एनआईए टीम मीडिया से बचती नजर आई। मीडिया से कुछ भी कहने से दूरी बनाये रखी। एनआईए भारत में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित एक संघीय जाँच एजेंसी है। यह केन्द्रीय आतंकवाद विरोधी कानून प्रवर्तन एजेंसी के रूप में कार्य करती है।
जुबेर के पिता सफीक मंसूरी ने मीडिया को बताया कि नईदिल्ली से आई टीम ने बताया कि उसके बेटे के दोस्तो के संदिग्ध लोगों से संबंध है इस कारण तुम्हारे घर की तलाषी ली जा रही है। सफीक मंसूरी ने बताया कि उसका बेटा जुबेर पिछले आठ साल से ताजुल मस्जिद के मदरसे में आलिम की पढ़ाई कर रहा है। मदरसे में किसी प्रकार की फीस नही लगती है। इस कारण उसका बैंक में कोई खाता नहीं है। उसका और उसकी बेटी का बैंक खाता है जिसकी वह फ़ोटो खींचकर ले गए है । उसके दैनिक उपयोग के लिए 1000 से 2000 रूप्ये दो तीन माह में जाने पर या उसके आने पर नगद ही दे देते है। सफीक मंसूरी के तीन बेटे है जिनमें जुबेर मंसूरी 24 साल, जुनेद मंसूरी 21 साल, नवेद मंसूरी 19 साल एवं एक बेटी है जिसका विवाह हो चुका है। वह और उसका मझला बेटा जुनेद मंसूरी फलों की दुकान लगाता है।


सिलवानी में एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) पुलिस द्वारा कार्यवाही




