आज का पंचाग मंगलवार 06 सितम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦ …
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 06 सितम्बर 2022
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
👣 आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष कि पद्मा अथवा परिवर्तिनी नाम का एकादशी व्रत है। आप सभी एकादशी व्रतियों को एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये। आप सभी सनातनियों को पद्मा अथवा परिवर्तिनी एकादशी के पावन व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद माह
🌖 )पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथिः- दशमी तिथि 08:30:55 तक तदोपरान्त एकादशी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- दशमी तिथि की स्वामी यमराज जी हैं तथा एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- पूर्वा अषाढ़ नक्षत्र 06:03:00 तक तदोपरान्त ज्येष्ठा नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- पूर्वा आषाढ़ नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं तथा उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं।
🔔 योगः- आयुष्मान 08:30:00 तक तदोपरान्त सौभाग्य
⚡ प्रथम करण : वणिज – 04:31 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 03:04 ए एम, सितम्बर 07 तक बव
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 12:19:00 P.M से 01:53:00 P.M तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से गुड़ खाकर जाएं।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 03:28:00 से 05:02:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:36:03
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:04:24
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:30 ए एम से 05:16 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:53 ए एम से 06:01 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:44 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:25 पी एम से 03:16 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:24 पी एम से 06:49 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:37 पी एम से 07:46 पी एम
💧 अमृत काल : 01:45 पी एम से 03:13 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:42 ए एम, सितम्बर 07
🌸 त्रिपुष्कर योग : 03:04 ए एम, सितम्बर 07 से 06:02 ए एम, सितम्बर 07
❄️ रवि योग : 06:01 ए एम से 06:09 पी एम
☀️ सौभाग्य योग – अगले भोर 4 बजकर 50 मिनट तक
☄️ पूर्वाषाढ़ा नक्षत – आज शाम 6 बजकर 9 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू चढाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – दशमी तिथि का क्षय, जल झूलनी पद्मा एकादशी व्रत ( स्मार्त गृहस्थी ), परिवर्तनी एकादशी, श्री श्याम बाबा जागरण, डोल एकादशी मध्यप्रदेश, मेला चारभुजा नाथ, कटिपरिवर्तन उत्सव, श्री हरचरण सिंह बरार स्मृति दिवस
✍🏽 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🍃 Vastu tips 🌳
जानिए जीवन में किस कामना की पूर्ति हेतु कौन-सा वृक्ष लगाएं :
लक्ष्मी प्राप्ति के लिए :- हमें तुलसी, आंवला, बिल्वपत्र एवं केले का वृक्ष लगाना चाहिए ।
आरोग्य प्राप्ति के लिए :- तुलसी, ब्राह्मी, आंवला, पलाश, अर्जुन और सूरजमुखी का पौधा लगाना श्रेष्ठ है ।
सौभाग्य प्राप्ति के लिए :– अशोक, अर्जुन, नारियल एवं वट वृक्ष ( बरगद का पेड़ ) लगाना चाहिए ।
उत्तम संतान प्राप्ति के लिए :- दंपत्ति को बिल्व, नागकेशर, गु़ड़हल, अश्वगंधा, पीपल एवं नीम का पेड़ लगाना चाहिए ।
ज्ञान एवं बुद्धि की वृद्धि के लिए :- तुलसी, शंखपुष्पी, पलाश, ब्राह्मी आंकड़ा का पौधा लगाना श्रेष्ठ है ।
सुख सौभाग्य, आनंद की प्राप्ति के लिए :- हरसिंगार (पारिजात) रातरानी, मोगरा, गुलाब, कदम्ब, नीम, और घने छायादार वृक्ष लगाने चाहिए ।
शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति अपने जीवन में एक पीपल, एक नीम, एक इमली, तीन कैथ, तीन बेल, तीन आंवला और पांच आम के पेड़ लगाकर उनकी सेवा करता है , वह बहुत ही भाग्यशाली होता है उसे इस संसार में सभी भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है, उसके परिवार में प्रेम बना रहता है और वह कभी नरक के दर्शन नहीं करता।
अत: सभी मनुष्यों को शीघ्र से शीघ्र इन वृक्षों को अवश्य ही लगाना चाहिए ।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
क्या है हाइड्राफेशियल
हाइड्राफेशियल दरअसल फेशियल का ही एक प्रोसेस है। इसमें पहले मशीन की मदद से चेहरे की डेड स्किन को साफ किया जाता है। इस प्रोसेस को एक्सफोलिएशन कहा जाता है। इसके बाद ग्लायकोलिक और सैलिसिलिक एसिड की पीलिंग का एक प्रोसेस होता है। इसके बाद तीसरे चरण में वेक्यूम एक्सट्रेक्शन के जरिए चेहरे को साफ करके स्किन का फेशियल होता है। चौथे और आखिरी चरण में सीरम से मसाज के जरिए एंटीऑक्सिडेंट्स त्वचा के भीतर पहुंचाए जाते हैं। यानी कुल मिलाकर एक फेस के लिए पूरा ट्रीटमेंट, हाइड्राफेशियल के जरिए मिल सकता है।
हाइड्राफेशियल कैसे करता है काम
हाइड्राफेशियल एक तरह की हाइड्रा-डर्माब्रेशन प्रोसेस है। इससे चेहरे की स्किन और रंग पहले से बेहतर होने का दावा किया जाता है। आधे से एक घंटे की इस प्रोसेस में हाइड्राफेशियल से चेहरे को अच्छे से क्लीन किया जा सकता है। देखा जाए तो हाइड्राफेशियल का मूल काम चेहरे की डेड स्किन की कोशिकाओं को हटाने,स्किन को हाइड्रेट करने और उसकी रंगत निखारने का है। इस फेशियल से चेहरे पर लगभग एक हफ्ते तक नमी बरकरार रहती है। ये फेशियल किसी भी उम्र में करवाया जा सकता है। लेकिन अगर उम्र 25 साल से ज्यादा है तो इसका असर ज्यादा बेहतर दिखता है।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍶
लौंग का करें इस्तेमाल दांत दर्द में लौंग बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। अगर आपका दांत दर्द हो रहा है, तो आप लौंग लेकर उसे उस दांत के नीचे दबा लें, जिसमे दर्द हो रहा हो। ऐसा करने से आपका दांत दर्द कुछ ही मिनटों में ठीक हो जाएगा और आप आराम से अपने दूसरे काम कर पाएंगे।
गर्म पानी से दर्द में मिलता है आराम गर्म पानी की सिकाई से भी दांत दर्द में आराम मिलता है। एक गिलास पानी गर्म करें और उसमें आधा चम्मच नमक मिला लें। अब इस पानी के छोटे-छोटे घूंट लें और इस पानी को मुंह में ही रोककर उस दांत की सिकाई करें, जिसमें दर्द हो रहा हो। इस तरह आप 10 से 15 मिनट तक सिकाई कर सकते हैं।
अमरूद के पत्ते से होगा दर्द दूर अमरूद के पत्तों में एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लामेटरी होते हैं। उन्हें चबाने से दांत दर्द में राहत मिलती है। यदि आपके घर में या आस-पास कहीं अमरूद का पेड़ है तो उसके पत्ते तोड़ लें। इन पत्तों को धुलकर साफ करें और फिर धीरे-धीरे चबाएं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
साधना का बड़ा दुश्मन रजोगुणी अहंकार है। अभिमान को निर्मूल करने के लिए एवं विषमय अहंकार को पिघलाने के लिए गुरूभक्तियोग उत्तम और सबसे अधिक सचोट साधनमार्ग है। जिस प्रकार किसी रोग के विषाणु निर्मूल करने के लिए कोई विशेष प्रकार की जन्तुनाशक दवाई आवश्यक है उसी प्रकार अविद्या और अहंकार के नाश के लिए गुरूभक्तियोग सबसे अधिक प्रभावशाली, अमूल्य और निश्चित प्रकार का उपचार है। वह सबसे अधिक प्रभावशाली ‘मायानाशक’ और ‘अहंकार नाशक’ है। गुरूभक्तियोग की भावना में जो सदभागी शिष्य निष्ठापूर्वक सराबोर होते हैं उन पर माया और अहंकार के रोग का कोई असर नहीं होता। इस योग का आश्रय लेने वाला व्यक्ति सचमुच भाग्यशाली है। क्योंकि वह योग के अन्य प्रकारों में भी सर्वोच्च सफलता हासिल करेगा। उसको कर्म, भक्ति, ध्यान और ज्ञानयोग के फल पूर्णतः प्राप्त होंगे।
इस योग में संलग्न होने के लिए तीन गुणों की आवश्यकता हैः निष्ठा, श्रद्धा और आज्ञापालन। पूर्णता के ध्येय में सन्निष्ठ रहो। संशयी और ढीले ढाले मत रहना। अपने स्वीकृत गुरू में सम्पूर्ण श्रद्धा रखो। अपने मन में संशय की छाया को भी फटकने मत देना। एक बार गुरू में सम्पूर्ण श्रद्धा दृढ़ कर लेने के बाद आप समझने लगेंगे कि उनका उपदेश आपकी श्रेष्ठ भलाई के लिए ही होता है। अतः उनके शब्द का अन्तःकरणपूर्वक पालन करो। उनके उपदेश का अक्षरशः अनुसरण करो। आप हृदयपूर्वक इस प्रकार करेंगे तो मैं विश्वास दिलाता हूँ कि आप पूर्णता को प्राप्त करेंगे ही। मैं पुनः दृढ़तापूर्वक विश्वास दिलाता हूँ।
⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

