मध्य प्रदेश

यहां नहीं चलते नियम- कायदे, जांच में दोषी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं… वन विभाग रायसेन में जंगलराज

अंगद के पांव की तरह जमे बैठे यहां बाबू, वर्षों से जमे ये अफसर

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
सामान्य वनमण्डल रायसेन में जहां एक ओर भ्रष्टाचार का आलम मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर नियम-कायदों की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। शासन की तबादला नीति के नियम के अनुसार, एक व्यक्ति एक कुर्सी पर तीन साल रह सकता है।लेकिन वन विभाग के जिला सामान्य वन मण्डल कार्यालय रायसेन में पदस्थ एक नहीं बल्कि तीन चार बाबू चार-पांच साल से नहीं 10 से 15
साल से अधिक जमे हुए हैं।, जिनकी कई दफे शिकायतें भी हुईं। इसके बाद भी उनको नहीं हटाया गया। एक बाबू ऐसा भी है, जिसको पूर्व में तेंदूपत्ता के फर्जी मामलों में दोषी भी माना, इस सबके बाद भी उस बाबू को अभी तक नहीं हटाया। कुल मिलाकर वन विभाग में जंगलराज चल रहा है, जिसकी और न तो वन मंत्री कुंवर विजय शाह स्वास्थ्य मंत्री की नजर है और न ही वन विभाग के वरिष्ठ अफसरों की। वैसे तो इसके अलावा दूसरे भी कुछ ऐसे विभाग हैं जहां के जिला व तहसील कार्यालयों में एक ही कुर्सी पर वर्षों से जमे हुए हैं उनको भी नहीं हटाया गया है।
फारेस्ट गार्ड भी जमे बाबुओं की कुर्सियों पर कर रहे कमाई….
सामान्य वनमंडल कार्यालय रायसेन में सालों से आधे दर्जन से ज्यादा फारेस्ट गार्ड कुर्सियों पर बैठकर बाबूगिरी कर नियमों को ठेंगा दिखा ते हुए कमाई कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी बाबुओं की कमी बताकर उनसे जरूरी कार्य करवा रहे हैं।
शासन के ये हैं नियम…
नियमों के मुताबिक कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी नियमानुसार अधिकतम एक ही सीट पर तीन वर्ष रह सकता है। लेकिन रायसेन में देखा जाए तो वन विभाग का मंडल कार्यालय रायसेन ऐसा है जहां मृगांचल टीम ने छानबीन की तो एक नहीं 10-15 बाबू ऐसे निकले जो लंबे समय से एक ही सीट पर जमे बैठे हैं।
सूत्रों ने जानकारी दी एक महिला बाबू नियुक्ति दिनांक से अभी तक वन मंडल में लेखा का काम संभाल रही हैं। नियमानुसार, लेखा का काम यूडीसी संभाल सकता है। यूडीसी के रूप में इसी वन मंडल में दो लोग पदस्थ हैं जो दूसरी शाखा का काम संभाल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इयूडीसी के शाखा में पदस्थ जा सकता चार्ज देने का साहस कोई भी वरिष्ठ अधिकारी नहीं कर पा रहा है, यह बात समझ से परे है।
सूत्रों ने बताया कि वन विभाग के मंडल कार्यालय में एक बाबू जिनको वन अपराध शाखा में लगभग पन्द्रह बीस साल हो गए हैं।
बताया जाता है कि तेंदूपत्ता वनोपज संघ में पदस्थ बाबू चार साल से एक ही जगह जमे हैं। एक क्लर्क कुछ समय पूर्व तेंदू पत्ता संग्रहण के मामले के फर्जीवाड़े में फंस गए थे। तेंदू पत्ता संग्रहण में लगे वाहनों के जो बिल बनाए वह जांच में फर्जी निकले थे। मजेदार बात ये है कि इस मामले की जांच करने भोपाल से एक अधिकारी आए तो उन्होंने अपनी जांच में लिखा कि गड़बड़ी तो हुई है, लेकिन आरोप गंभीर नहीं हैं। जांच में उक्त कर्मचारी को दोषी भी ठहराया गया है, इस सबके बाद भी उक्त बाबू को वहां से नहीं हटाया गया है।
इस संबंध में अजय कुमार पांडेय डीएफओ रायसेन का कहना है कि एक ही सीट पर बाबुओं की तैनाती का मामला सामने नहीं हैं। इसको दिखवाते हैं। सालों से जमे बाबुओं को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। नियम के अनुसार ही वन विभाग में काम होता है ओर हमारे कार्यकाल में होता रहेगा।

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