त्योहारों पर मेंटेनेंस के नाम पर 5 घंटे बिजली बंद रखने पर आक्रोश
व्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । 12 वफात ( ईद मिलादुन्नबी) शरद पूर्णिमा, का पर्व और आचार्य जी के अवतरण दिवस का पर विभिन्न कार्यक्रम के आयोजन बावजूद बिजली कंपनी द्वारा विदिशा की बड़ी लाइन के मेंटेनेंस के नाम पर 5 घंटे बिजली बंद रखने से सभी समाजों में आक्रोश व्याप्त है कि आखिरकार त्योहारों के दिन ही क्यों मेंटेनेंस के नाम पर बिजली बंद की गई। विभाग को यदि मेंटेनेंस करना था तो किसी अन्य दिन भी किया जा सकता था। तीनों समाजों के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनजर बेगमगंज ही नहीं बल्कि विदिशा से जुड़े हुए अन्य क्षेत्रों में भी बिजली बंद होने से सभी और बिजली कंपनी की इस कार्यप्रणाली की निंदा की जा रही है।
बिजली कंपनी ने तुगलकी आदेश जारी करते हुए नगर में डोड़ी पिटवा दी कि सुबह 9 बजे से बिजली सप्लाई बंद रहेगी अपने जरूरी काम निपटा लें वहीं नगर पालिका द्वारा अनाउंस कर दिया क्या सुबह से जल सप्लाई नहीं होगी उक्त तीनों त्योहारों के मद्देनजर लोग सुबह से ही अपने कामों में जुटे हुए थे कि 9 बजे बिजली बंद हो गई जो 2 बजे चालू हुई जिससे घरों में पकवान आदि बनाने में ग्रहणीयों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होने पर जल की भी कमी उठाना पड़ी, क्योंकि जो जल स्टाक करके रखा गया था धार्मिक या सामाजिक कार्यो में जुटे हुए लोगों के कारण वह नाकाफी साबित हुआ लोगों को पानी के लिए टैंकर से जल मंगा कर आपूर्ति करना पड़ी।
बिजली कंपनी की इस कार्यप्रणाली को लेकर बेगमगंज राहतगढ़ विदिशा और अन्य स्थानों के लोगों ने कड़ी निंदा करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी है कि त्योहारों पर इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है आइंदा इस तरह पर्वो पर बिजली बंद ना की जाए।
उल्लेखनीय है कि शांति समिति की बैठक में पिछले अनुभवों को सांझा करते हुए हिंदू उत्सव समिति ने आकस्मिक बिजली कटौती पर आपत्ति उठाते हुए त्योहारों पर बिजली सुचारू रखने की बात रखी थी जिसका समर्थन अन्य समाजों के प्रतिनिधियों ने भी किया था। जिस पर अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए बिजली कंपनी को पत्र भी जारी किया था लेकिन उसके बावजूद बिजली कंपनी के रवैया में कोई फर्क नहीं आया और उन्होंने एन त्योहारों के दिन लगातार 5 घंटे बिजली बंद रख कर लोगों को आक्रोशित होने पर मजबूर कर दिया।



