ज्योतिष

आज का पंचाग सोमवार 10 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
. ✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 10 अक्टूबर 2022

महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक माह प्रारंभ
🌕 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- प्रतिपदा तिथि 25:39:58 तक तदोपरान्त द्वितीया तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव हैं तथा द्वितीया तिथि के स्वामी ब्रह्मा देव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- रेवती 16:02:43 तक तदोपरान्त अश्विन नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- रेवती तिथि के स्वामी बुध देव हैं तथा अश्विन नक्षत्र के स्वामी केतु जी हैं।
🔊 योगः- व्याघात योग 16:42:00 तक तदोपरान्त हर्षण
प्रथम करण : बालव – 01:57 पी एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 01:38 ए एम, अक्टूबर 11 तक तैतिल
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 01:35:00 से 03:02:00 बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहुकाल 07:45:00 से 09:13:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:49:02
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:28:40
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:40 ए एम से 05:29 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:05 ए एम से 06:19 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:45 ए एम से 12:31 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:04 पी एम से 02:51 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:45 पी एम से 06:09 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:57 पी एम से 07:11 पी एम
💧 अमृत काल : 01:40 पी एम से 03:15 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:43 पी एम से 12:33 ए एम, अक्टूबर 11
☀️ व्याघात योग- शाम 4 बजकर 43 मिनट तक
☄️ रेवती नक्षत्र – आज शाम 4 बजकर 2 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को मखाने भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मासपर्यंत तुलसीदल से विष्णु पूजन, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस, राष्ट्रीय डाक‍ दिवस, कार्तिक मास में दाल निषेध, दिन 4.54 मिनट पर पंचक का समापन
✍🏽 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️

धूप, अगरबत्ती और लोबान आचार्य श्री गोपी राम बताते हैं कि धूप व अगरबत्ती शुभता का प्रतीक है. अगरबत्ती और धूप से देवताओं की पूजा के अलावा, घर को खुशबूदार भी बनाया जा सकता है. इसके लिए अच्छी खुशबू वाली अगरबत्ती सुबह शाम पूरे घर में करें. इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होगा और घर का माहौल अच्छा बना रहेगा. इसी तरह आप लोबान की धुआं भी पूरे घर में कर सकते हैं. लोबान की धुआं से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती है. इससे घर में देवताओं का निवास होता है
ताजा फूलों का प्रयोग घर में प्राकृतिक महक के लिए ताजा फूलों का भी प्रयोग कर सकते हैं. इसके लिए आप गुलाब की पंखुड़ियों को कांच के बर्तन में डालकर घर में रख सकते हैं. इससे ना सिर्फ घर में अच्छी खुशबू बनी रहेगी, बल्कि परिवार के सदस्य भी स्वयं को पॉजिटिव महसूस करेंगे. इससे घर का माहौल खुशनुमा बना रहेगा
चंदन का प्रयोग घर को महकाने के लिए वास्तु शास्त्र के अनुसार, चंदन का प्रयोग शुभ होता है. चंदन के प्रयोग से घर में सकारात्मकता का संचार होता है. चंदन की खुशबू मन को शांति प्रदान करती है. इसी तरह कपूर व लौंग के उपयोग से भी घर को खुशबूदार बना सकते हैं
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जीरा और नींबू पानी नींबू पानी तो वजन कम करने के लिए सबसे कारगार उपाय माना जाता है। ऐसे में अगर आप इसमें जीरा मिक्स कर दें तो ये और असरदार होगा। इसके लिए ज्यादा कुछ नहीं बस 2 चम्मच जीरा को एक गिलास में भिगोकर रख दें। अब सुबह इसे अच्छी तरह से उबालकर लें। जीरा पानी को छानकर उसमें नींबू का रस मिला दें और पी लें।
जीरा और करी पत्ता का पानी जीरा और करी पत्ते का पानी वजन घटाने में काफी मददगार होता है। एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा और 7 करी पत्ते डालकर इसे रात भर के लिए छोड़ दें। अब सुब इस पानी को छानकर पी जाएं। इस पानी से मेटाबॉलिज्म रेट बढ़ेगा और बढ़ता वजन कंट्रोल होगा।
जीरा पाउडर का पानी मोटापा से मुक्ति के लिए जीरे पाउडर का पानी पीएं। इस ड्रिंक को बनाने के लिए एक गिलास पानी गर्म कर लें फिर इसमें एक चम्मच जीरा पाउडर डालकर मिक्स कर लें। स्वाद के लिए आप इसमें काला नमक भी डाल सकते हैं।
🌷 आरोग्य संजीवनी 🌸
कील मुंहासों की समस्या सर्दियों के मौसम में स्किन ड्राई हो जाती है। इससे कील मुंहासे होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए आप सर्दियों में स्किन को बिल्कुल भी ड्राई होने न दें। अच्छे मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें और नेचुरल क्लींजर से स्किन को साफ करें। लेकिन अगर आपकी स्किन पहले ही बहुत ज्यादा ऑइली है तो आप हाइड्रेटिंग फॉर्मूला मॉइश्चराइजर का ही इस्तेमाल करें। इससे स्किन का पीएच संतुलन बना रहेगा।
सर्दियों में स्किन केयर के लिए इन बातों का रखें ध्यान
स्किन को धूप और रूम हीटर के सीधे संपर्क में लाने से बचाएं।
सर्दियों में पानी की मात्रा को कम न करें। बल्कि भरपूर पानी पीएं। इससे स्किन ड्राई नहीं होगी।
बहुत ज्यादा गर्म पानी के इस्तेमाल से बचें।
नहाने या फेस वॉश करने के तुरंत बाद मॉइश्चराइजर लगाएं।
सर्दियों में मौसमी फल और सब्जियां जरूर खाएं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम की नीतियां भले ही आपको सही न लगे लेकिन उनके द्वारा बताई गई हर एक बातें जीवन में किसी न किसी तरीके से सच्चाई जरूरी दिखाती हैं। भागदौड़ भरी जिदंगी में आप उनके विचारों को अनदेखा ही क्यों न कर दें लेकिन अगर उन्हें ध्यान में रखा जाए तो यह जरूर आपको हर कसौटी में खरे उतारेंगे। हमारे इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज के विचार में ऐसे व्यक्तियों के बारे में बताया है जो हमेशा असलफल होने के साथ-साथ दुखी रहते हैं।
🗣️ श्लोक (तेरहवां अध्याय)
अनागतविधाता च प्रत्युत्पन्नमतिस्तथा ।
द्वावेतौ सुखमेधेते यद्भविष्यो विनश्यति ॥
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने इस तेरहवां अध्याय श्लोक के जरिए कहना चाहता है कि जो भविष्य के लिए तैयार है और जो किसी भी परिस्थिति को चतुराई से निपटता है, ये दोनों व्यक्ति सुखी है। लेकिन जो आदमी सिर्फ नसीब के सहारे चलता है वह बर्बाद होता है।
दरअसल, आचार्य श्री गोपी राम जी ने इस श्लोक में कहा है जो व्यक्ति किसी भी आने वाली विपत्ति को चतुराई से निपटता और जो आने वाले भविष्य के लिए तैयार रहता है वही व्यक्ति सुखी रहता है। वहीं इसके विपरीत जो व्यक्ति ये सोचकर बैठा रहता है कि जो नसीब में लिखा है वह तो होगा ही तो ऐसा व्यक्ति जरूर बर्बाद हो जाता है और अंत में उसे दुख ही प्राप्त होता है।
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

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