कृषिमध्य प्रदेश

अच्छी बारिश के बाद रबी की फसल की तैयारी में जुटे किसान, रात को गिरने वाली ओस से होगा लाभ

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । क्षेत्र में जिन इलाकों में सोयाबीन की फसल कट कर तैयार हो चुकी है वहां के किसान खरीफ की फसलों में हुए नुकसान के बावजूद मानसून की मेहरबानी से अब किसान खेतों में रबी की बुआई करने में जुट गए हैं। हालांकि रबी की फसल के तहत अभी सरसों जुताई का कार्य किया जा रहा है। वहीं गेहूं के लिए बुआई आगामी दिसंबर तक चलेगी, लेकिन रबी की फसलों की बुआई की सीजन की शुरुआत हो गई है।
नवंबर तक रबी की फसलों की पहले चरण में सरसों व चना की बुआई होनी है। इसके बाद दूसरे चरण में पूरे नवंबर महीने में गेहूं की बुआई की जाएगी। ऐसे में अब रबी की फसलों को नमी की आवश्यकता रहती है। गत दिनों में हुई बारिश के कारण अब रात्रि में अच्छी ओस गिरने से तापमान में गिरावट होने से किसानों को काफी फायदा मिलेगा। इस बार लगभग खरीफ की फसल के दौरान मौसम ने किसानों पर आफत बरसाई रुक रुक कर अक्टूबर माह के शुरू तक बारिश होती रही जिससे खरीफ की फसल में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है ।
अभी तक ज्यादातर किसान अपने खेतों से फसल को घर नहीं ला पाए है । लेकिन जिन किसानों की फसल कटने के बाद थ्रेसिंग हो चुकी है वह अब रवि फसलों के लिए खेतों को तैयार करने में जुटे हुए हैं।
अधिकांश किसान गेंहू की बुवाई करते हैं,हालांकि कुछ किसान सरसों की भी फसल बोते है, लेकिन अन्य फसलों की तुलना में गेहूं की फसल की बुआई करने वाले किसानों की संख्या अधिक है। इस बार रबी की फसल में चना व सरसों की बुवाई का दौर शुरू हो गया है। नवंबर तक चना व सरसों की बुआई की जाएगी। क्षेत्र में रबि की फसल पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर रहती है। इस बीच अगर मावठ हो जाती है तो सोने पर सुहागा का काम करती है। इस बार सितंबर लास्ट में अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह में शुरू हुई अच्छी बारिश के कारण जहां किसानों को खरीफ की फसल में खासा नुकसान हुआ है। वहीं रवि की फसल के लिए बारिश मददगार साबित हुई है। जिससे किसानों को रवि की फसल से पहले सिंचाई करने के लिए डीजल , बिजली मैं लगने वाला आर्थिक व शारीरिक लाभ हुआ है। किसानों द्वारा इन दिनों खेतों में जुटकर मेहनत की जा रही है। उम्मीद है रबी की फसल में मौसम किसानों का पूरा साथ देगा।
जुताई के दौरान बरते सावधानी:- कृषि अधिकारी केके ठाकुर ने बताया कि रबी फसलों की बुवाई के लिए खेतों की जुताई करके पाटा लगाएं, जिससे मिट्टी की नमी कायम रहे। रबी फसलों की बुवाई के लिए खेतों को साफ- सुथरा, जल निकासी की व्यवस्था और मेड़ बनाने की सलाह भी दी है। कृषि अधिकारी ने बताया है कि मिट्टी की उर्वरता को कायम रखने के लिए सड़े गोबर की खाद खेतों में फैलाएं। इससे मिट्टी में जीवांश बढ़ेंगे और बीजों का जमाव भी बेहतर ढंग से होगा।

Related Articles

Back to top button