ब्युरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । कृषि उपज मंडी परिसर में धान खरीदी केंद्र भी बनाया गया है जहां पर शासन के नियम अनुसार किसानों की धान खरीदी जा रही है वहीं व्यापारियों द्वारा भी धान का क्रय किया जा रहा है कृषि उपज मंडी से 2 ट्रेक्टर ट्रालियों में करीब डेढ़ सौ क्विंटल धान की बोरी भरकर ले जाते हुए एसडीएम अभिषेक चौरसिया ने पकड़ा उक्त दोनों ट्रालियां धान के बोरे भरकर कृषि उपज मंडी से बिना टेक्स बिना अनुबंध के बाहर जा रही थी। पूछताछ मैं ट्रैक्टर चालाक इमामी खां ने बताया कि वह ट्रैक्टर में किराए पर उक्त धान की बोरियां अनु वेयरहाउस ले जा रहा है। इस पर ट्रैक्टर को एसडीएम ने थाने में खड़ा करा दिया। वहीं दूसरा ट्रैक्टर चालाक ट्रैक्टर ट्राली लेकर भाग गया जिसे फतेहपुर वेयरहाउस के पास से पकड़ा लिया गया। एसडीएम ने अनु वेयरहाउस की जांच की तो वहां 1500 क्विंटल धान कृषि उपज मंडी से व्यापारियों के यहाँ से लाकर स्टॉक की रखी मिली है।
एसडीएम द्वारा कृषि उपज मंडी पहुंचकर जांच-पड़ताल की जहां पर बड़े पैमाने पर कृषि उपज मंडी के व्यापारियों द्वारा धान खरीदकर प्राइवेट वेयर हाऊसों में स्टाक की जाना पाया गया है । साथ ही व्यापारियों द्वारा कृषि उपज मंडी में धान सस्ते दाम पर खरीद कर सरकारी समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर ज्यादा दामों में विक्रय किए जाने के उद्देश्य से एकत्रित की जाने की भी जानकारी लोगों ने नाम नहीं बताने पर दी है।
जिससे प्रतीत होता है कि व्यापारियों द्वारा शासन का मंडी टैक्स चोरी कर शासन को हजारों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। जन चर्चा है कि इससे पूर्व भी व्यापारियों द्वारा विगत वर्ष समर्थन मूल्य गेहूं एवं मूंग खरीदी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर दो नंबर का अनाज किसानों के नाम से फर्जी तौर पर तुलाया गया था।
एसडीएम अभिषेक चौरसिया ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार कृषि उपज मंडी एवं वेयर हाउसों की जांच पडताल की जा रही है। विगत पांच दिनों से कृषि उपज मंडी से व्यापारियों के गोदामों से ट्रैक्टर भर भर कर वेयरहाउस पहुंचने की जानकारी मिल रही थी इसी के आधार पर आज छापामार कार्यवाही की गई है। कृषि उपज मंडी से आज दो ट्रैक्टर ट्राली बिना अनुबन्ध के मंडी से धान के निकाले जा रहे थे। नगर के तीन वेयर हाउस में लगभग 3000 क्विंटल एवं दोनों ट्रैक्टरों में लगभग डेढ़ सौ क्विंटल धान होना प्रतीत होता है। कृषि उपज मंडी के कुछ व्यापारियों का स्टॉक चेक किया गया तो उनका स्टाक ज़ीरो पाया गया है। यह धान किन व्यापारियों की है अभी तक कोई व्यापारी सामने नहीं आया है मामले की जांच की जा रही है वहीं अन्य जगह भी धान का स्टॉक होने की जानकारी मिली है। यह धान व्यापारियों द्वारा उपार्जन केंद्र शुरू होने पर फर्जी किसानों के नाम पर विक्रय करने की अभी से तैयारी की जा रही थी। बाकी जांच के बाद पता चलेगा कि कितनी धान किस व्यापारी की है और मंडी सचिव के आने पर कितना टैक्स चोरी हुआ है इसके बारे में जानकारी ली जाएगी ।
अभी तक कि जांच में बहुत ज्यादा मात्रा मैं धान का स्टॉक एवं मंडी टेक्स चोरी होना प्रतीत हो रहा है। मंडी के कर्मचारियों के बयान लिए जा रहे है और बांकी जगह भी छापामार कार्रवाई की जाना है।
कृषि उपज मंडी सचिव अभयपाल सिंह विलोदिया का कहना है कि मैं छुट्टी पर हूं मामला मेरी जानकारी में आया है लेकिन अब यह नहीं कह सकता कि यह धान कृषि उपज मंडी की ही है। जांच के बाद ही बता पाऊंगा।



