मध्य प्रदेशराजनीति

प्रदेश में अब आदिवासियों के साथ अन्याय अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा : विक्रांत भूरिया

बिरसा मुंडा जयंती पर गरजे आदिवासी नेता
सिलवानी । मंगलवार को मध्यप्रदेस आदिवासी कांग्रेस के तत्वाधान में नगर में आयोजित महान स्वतंत्रता सेनानी जननायक जल जंगल जमीन की लड़ाई लड़ने वाले विरसा मुंडा जी की जयंती के अवसर पर विश्वकर्मा गार्डन सियरमऊ रोड पर कार्यक्रम एवं विशाल आमसभा आयोजित की गई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी गीतों पर अतिथियों ने जमकर डांस किया।
कार्यक्रम में प्रदेश के आदिवासी नेता युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, वरिष्ठ आदिवासी नेता अजय शाह, आदिवासी कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश ठाकुर, आदिवासी कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष सरवटे, कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेन्द्र पटेल, उदयपुरा विधायक देवेन्द्र पटेल आदि सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम में आदिवासी नेता गरजे और उन्होंने कहा कि आदिवासियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे इसी कड़ी में आदिवासी कांग्रेस के अजय शाह ने तो सीधी सीधी रोटी भाजी की बात कर डाली, बड़े व्यंगात्मक लहजे में बोले की रोटी से मुमताज है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरवटे ने कहा कि महिलाओं के साथ त्याचार हो रहे हैं इसके लिए संघर्ष की आवश्यकता है। वही आदिवासी युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में अब आदिवासियों के साथ अन्याय अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा । उदयपुरा विधायक देवेंद्र पटेल कहा कि कांग्रेस के 5 सदस्य होते हुए भी छल बल की राजनीति रायसेन जिले में अपना जनपद अध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बना पाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र पटेल ने कहा कि अब आने वाले समय में बख्शा नहीं जाएगा । नीलमणी शाह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे समाज के साथ अन्याय हो रहा है और उस अन्याय के खिलाफ अगर जान भी देनी पड़े तो देने के लिए तैयार है। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक रघुवंशी ने किया।
वक्ताओं ने बताया कि लोकनायक बिरसा मुंडा जनजाति के एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे वह 19 वी शताब्दी की शुरुआत में आदिवासियों के हितों के लिए संघर्ष करने वाले बिरसा मुंडा ने तव ब्रिटिश शासन को भी लोहा मनवाया गया था उनके योगदान की तस्वीरें भारतीय संसद संग्रहालय में मौजूद हैं।
तत्कालीन ब्रिटिश शासकों के उत्पीड़न से और अन्याय से क्रोधित होकर स्वदेशी मुंडा ओं को संगठित किया गया और विद्रोही की आग लग गई इसीलिए विद्रोहियों के लिए बिरसा मुंडा भगवान के नाम से जाने गए।
धरती मां या पृथ्वी पिता के स्वरूप में जाने जाने वाले बिरसा मुंडा ने आदिवासियों को अपने धर्म का अध्ययन और अपनी संस्कृति जुड़ने को, ना भूलने की आवश्यकता पर बल दिया उन्होंने अपने लोगों को जमीन के मालिक होने पर अपना अधिकार बताने के महत्व को महसूस करने के लिए प्रभावित किया।
लेकिन वर्तमान सरकारों ने आदिवासियों को प्रताडि़त करने का बीड़ा ही उठा लिया है जहां जहां पर आदिवासियों में जागृति हुई है वहां वहां पर अन्याय अत्याचार हत्याएं जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं और आदिवासियों को जल जंगल जमीन से दूर रखा जा रहा है।
पिछले चुनाव में मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका आदिवासियों ने निभाई मध्यप्रदेश में 30 से 40 सीटों पर जहां आदिवासियों की संख्या है वहां पर सत्ता परिवर्तन किया जिसके वजह से मध्यप्रदेश में परिवर्तित सरकार बनी और वह सरकार 15 महीने में तत्कालीन सत्ता को हिला नहीं पाई।

Related Articles

Back to top button