कृषिमध्य प्रदेश

बोवनी के बाद सरकारी गोदाम में आया 150 टन एनपीके का सैंपल फेल, इसमें से 80 टन खाद बिक चुका

अब लगाई  बिक्री पर रोक , बरेली और बेगमगंज के डबल लॉक केंद्र पर लिए सैंपल, जबलपुर में कराई गई जांच

रायसेन । एक ओर प्रदेश सरकार किसानी को लाभ का धंधा बनाने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है, वही दूसरी और अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही से किसानों के साथ छलावा किया जा रहा है।
अन्नदाता किसानों को खाद वितरण करने के बाद जिले की सरकारी गोदाम में पहुंचा 150 टन एनपीके 16:16:16, 20:20:0:13, 15:15:15 नामक खाद जांच में फेल हो गया है। इस बैच नंबर का खाद रायसेन, बरेली और बेगमगंज की सोसायटियों पर भेजा गया था। यहां से कई किसानों को विक्रय भी कर दिया गया है, और कई किसानों ने बोवनी भी कर दी है। जबकि नियम के अनुसार जिले में किसी भी प्रकार के खाद को विक्रय करने से पहले उसका सैंपल लेकर जांच करवाना जरूरी है। जब तक रिपोर्ट नहीं आती है, तब तक उस खाद का विक्रय नहीं होना चाहिए, लेकिन जिले की सोसायटियों में ऐसा नहीं हो सका। बताया तो यहां तक जा रहा है कि अमानक पाए गए इस बैच नंबर वाला 80 टन एनपीके खाद सोसायटियों द्वारा बेचा जा चुका है। सिर्फ 70 टन ही गोदाम में रखा हुआ है। अमानक पाए जाने की रिपोर्ट मिलने के बाद कृषि विभाग के उप संचालक ने उसकी बिक्री पर रोक लगा दी है।
कृषि विभाग ने बेगमगंज के डबल लॉक केंद्र पर पहुंचे इंडियन पोटाश लिमिटेड कंपनी के एनपीके खाद 16:16:16 व 15:15:15 और बरेली से मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड के एनपीके खाद  20:20:0:13 के सैंपल लेकर उसकी जांच के लिए उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला जबलपुर भेजा था। वहां से मिली रिपोर्ट में इस बैच का यह एनपीके खाद अमानक पाया गया है। इस रिपोर्ट के बाद जिले भर के गोदाम में रखे इस खाद की बिक्री पर रोक लगाई गई है।
बरेली, बेगमगंज और रायसेन की सोसायटी पर भी पहुंचा था यह खाद
रायसेन, बेगमगंज और बरेली में भी यह अमानक एनपीके खाद आया था, जिसे किसानों कोने उपलब्ध कराने सोसायटियों पर भी पहुंचाया गया। रायसेन और बरेली में इस एनपीके खाद को किसानों ने उठा भी लिया है। उर्वरक विशेषज्ञों की मानें तो यदि किसान इस अमानक एनपीके खाद का उपयोग करते हैं तो फसल के उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
डीएपी के बदले एनपीके लेने पर दे रहे जोर
रबी सीजन में डीएपी के संकट की स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा एनपीके खाद को लगातार प्रमोट किया जा रहा है। किसानों को भी डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इंडियन पोटाश लिमिटेड कंपनी और मध्य भारत एग्रो कंपनी द्वारा अमानक स्तर पर पाए गए एनपीके खाद रायसेन जिले के लिए सप्लाई दी गई थी। हालांकि जिले में दूसरी कंपनियों का भी एनपीके खाद आ रहा है, उनके सैंपल में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
इस संबंध में एनपी सुमन, उप संचालक कृषि विभाग रायसेन का कहना है कि बेगमगंज और बरेली के डबल लॉक केंद्र पर एनपीके खाद का सेमल लेकर उसकी जांच कराई गई थी। जो अमानक निकले है। इसके बाद जिले भर में उस बैच नंबर वाले खाद के विक्रय पर रोक लगा दी है। सोसायटियो से कितना एनपीके खाद  विक्रय हो चुका है, कितना स्टॉक में है, इसकी जानकारी बोक जुटाई जा रही है। सोसायटी अधि प्रबंधकों को इस खाद को बाद बेचने के स्थान पर अलग करके सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। अमानक खाद की घुअ सप्लाई करने वाली कंपनियों बात पर कार्रवाई करने के लिए शासन को अवगत कराया गया।

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