क्राइम

नावालिग बच्चे का अपहरण कर मारपीट, रुपए छीनने की रिपोट लिखवाने 4 दिन से थाने का चक्कर लगा रहा है पिता

पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार कार्यवाही नही होने पर आमरण अनशन की दी चेतावनी
रिपोर्टर : भगवत सिंह लोधी
दमोह । दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा थाने के बार्ड क्रमांक 12 से 27 नवंबर के शाम 4 बजे वार्ड नंबर 11 पावर हाउस के पीछे बने मैदान पर खेल रहे 16 वर्षीय रामकृष्ण और राहुल रैकवार को दो नकाबपोशों द्वारा खेल मैदान बंदूक की नोक पर पहले अपहरण किया और दूर जाकर उसके जिम में रखें पैसे छीन कर अत्याधिक मारपीट करते गंभीर रूप से घायल अवस्था में छोड़ दिया था, घटना की जानकारी लगने पर परिजनों के द्वारा घायल बच्चे को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा में भर्ती किया गया था जिसकी हालत गंभीर होने की वजह से डॉक्टरों जबलपुर मेडिकल रेफर कर दिया था जिसका उपचार चल रहा है बच्चे के अपहरण की रिपोर्ट लिखवाने के लिए पिता लक्ष्मण रैकवार ने घटना दिनांक में ही तेंदूखेड़ा थाने पहुंचा था लेकिन पुलिस के द्वारा रिपोर्ट नहीं लिखने पर आवेदक पिता ने बच्चे की अपहरण मारपीट लूट के संदेहियों के नाम सहित शिकायती आवेदन पत्र पुलिस को दिया था इसके बाद आवेदक द्वारा दूसरे दिन 28 नवंबर को संदेहियों कार्यवाही हेतु पुनः आवेदन पत्र थाना तेंदूखेड़ा में दिया गया बावजूद इसके पुलिस के द्वारा लूट मारपीट अपहरण जैसे गंभीर अपराध पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई उल्टा आवेदक के साथ ही दुर्व्यवहार किया गया और पुलिस के द्वारा घटना दिनांक से आज तक कोई कार्यवाही ना किए जाने तथा आवेदक व उसके परिवार की सुरक्षा को ध्यान नहीं रखे जाने के कारण आवेदक एवं उसका पूरा परिवार अत्यधिक मानसिक पीड़ा के दौर से गुजर रहा है और आज सुरक्षा एवं भय के वातावरण में जीने को मजबूर है।
नावालिग बच्चे पिता का कहना है कि संदेही आरोपी मेरी बच्चे का अपहरण कर मारपीट रुपए छीनकर घायल अवस्था में छोड़ गए थे जिसकी शिकायत पर पुलिस कुछ नहीं कर रही है। जिसको लेकर बुधवार को पुलिस अधीक्षक दमोह कार्यालय पहुंचकर संदेही नकाबपोश आरोपियों पर उचित कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में पिता ने दो-तीन दिन के अंदर नकाबपोश आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो 3 दिसंबर को तेंदूखेड़ा पुलिस के खिलाफ थाना के सामने गल्ला मंडी मैदान में आमरण अनशन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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