बाइक पर भाई का शव 15 किमी दूर गांव ले गए, वाहन नहीं मिला
पिपरिया के सरकारी अस्पताल में शव वाहन के लिए 1 घंटे निकालते रहे परिजन
स्वास्थ्य सेवा की शर्मसार करने वाली घटना
रिपोर्टर: तारकेश्वर शर्मा
पिपरिया । कुरसीखापा निवासी रम्मू ने कभी नहीं सोचा था कि भाई के शव को लेकर घर ले जाया जाएगा। दरअसल, कुर्सीखापा निवासी कार्यकर्ता ठाकुर ठाकुर उम्र 40 साल की मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ी। पिपरिया चिकित्सालय के अनुसार बहनोई लाइटिंग लेटर तब सांस चल रही थी। डॉक्टर बोले- रास्ते में ही मौत हो गई। अस्पताल में शव वाहन नहीं मिला। एक घंटे तक शव लेकर जाते रहे, किसी ने मदद की फिर बाइक पर शव रखने से 15 किमी दूर खारीकला से खींचीखापा (घर) लेकर गए। संतोष के बड़े। भाई मोहन और शेरसिंह ठाकुर ने बताया कि एक दिन पहले मां हिरियाबाई की तेहरवीं थी। संतोष स्वस्थ थे।
इस संबंध में डॉ. प्रखर ठाकुर ने बताया कि शासकीय चिकित्सालय आने से पहले ही संतोष की मृत्यु हो चुकी थी। बीमे डॉ. ऋचा कटकवार का कहना है कि अस्पताल में शव वाहन और एम्बुलेंस नहीं है। तहसीलदार राजेश बोरासी ने कहा है कि इस संबंध में आपसे जानकारी मिली है कि अस्पताल प्रबंधन अनुकूल है तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में शव वाहन
पिपरिया के अलावा सिवनी मालवा, माखननगर, सोहागपुर, सुखतवा, बनखेड़ी, पचमढ़ी सहित किसी सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग का शव वाहन नहीं है। सीएम सम्मिलन डॉ. दिनेश दहलवार के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के पास शव वाहन नहीं है। जिला अस्पताल में रेडक्रॉस के माध्यम से शव संचालित होते हैं।
पिपरिया सरकारी अस्पताल से बाइक पर भाई का शव कुरसीखापा तक 15 किलो मीटर रख कर गांव ले जाने की घटना हुई जिसकी काफी दुखद है। सरकारी अस्पताल प्रबंधन का घोर दोषी है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यकर्ता समाज को लेकर लगातार योजनाएँ चल रही हैं लेकिन पिपरिया बीएमओ इन योजनाओं को समझ नहीं पा रहे हैं…. यदि अस्पताल में शव वाहन नहीं था तो बीमे को स्वयं सेवी वर्क सहित इलाक़े के जनप्रतिनिधियो को यह बात बतानी थी। नगर क्ली के पास शव वाहन है जिसे समय पर ग्रामीण इलाक़ों में भी भेजा जाता है। यदि बीएमओ जनप्रतिनिधियों से चर्चा करते हैं तो यह घटना नहीं होती। स्वयंसेवी संस्था सरकारी अस्पताल के लिए कुछ न कुछ सार्थकता कार्य कर रही है, लेकिन बीएमओ ने उन्हें भी सूचित करना उचित नहीं समझा… बीएमओ की नाक के नीचे आशा उम्मीदवार में करोड़ों का घोटाला हुआ है… इस घोटाले को भी दबा दिया गया है… .
जनप्रतिनिधि एवं ज़िला योजक लें अन्यथा ऐसे अधिकारी के कारण विकास यात्रा पर प्रश्नकर्ता बने रहें।
इस संबंध में पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी का कहना है कि पिपरिया नपा के पास 2 शव वाहन हैं। अस्पताल में नहीं है। मैं विधायक नाम से शव वाहन उपलब्ध कराउंगा।
नर्मदापुरम सांसद रावउदय प्रताप सिंह का कहना है कि बाइक से शव ले जाने की घटना दुखद है। जिले के सरकारी खाते में अपना पैसा से शव वाहन करें शेयर करें।



