शिक्षक की मेहनत और लगन से बदली विद्यालय दशा, अब सुंदर और सुसज्जित बना आकर्षण का केन्द्र
बम्हौरी वर्धा का विद्यालय पूर्व में था अन्य सरकारी स्कूलों जैसा ही था
सिलवानी । सरकारी विद्यालयों का नाम आते ही जर्जर भवन, अव्यवस्थित रखरखाव, अनियमित शिक्षक उपस्थिति, बदरंग दीवारें ही हमारे जेहन में आती हैं। अधिकाँश सरकारी विद्यालयों को लेकर नकारात्मक तस्वीर बनी हुई है लेकिन तमाम अपवादों को को दरकिनार करते हुए कुछ विद्यालयों के शिक्षक खुद की लगन व मेहनत से इस तस्वीर को बदलने की हर संभव कोशिश कर इसमें सफल भी हुए हैं।
इन विद्यालयों में प्रवेश करते ही यहाँ के परिसर व शिक्षण व्यवस्था को देखकर हमें निजी विद्यालयों की बदलती तस्वीर पर गर्व महसूस होता है। एक ओर जहाँ लापरवाह शासकीय शिक्षकों पर लगातार अनुशासनात्मक कार्यवाहियाँ हो रही हैं वहीं दूसरी ओर तहसील में एक ऐसा शिक्षक है जो अपनी शाला को खूबसूरत, छात्रों को नए नए नवाचारों से शिक्षण देने के लिए जूनून की हद तक काम कर रहा है।
यह शासकीय विद्यालय स्थित है विकासखंड के बम्हौरी बर्धा गाँव में, पहले यह विद्यालय सामान्य सरकारी विद्यालयों की ही तरह ही था, लेकिन शिक्षक अशोक शुक्ला के यहाँ पदस्थ होने के बाद इस स्कूल का आकर्षण व शिक्षण कार्य अत्यंत खूबसूरत व सराहनीय बन कर अन्य शिक्षकों को प्रेरणादायक सिद्ध हो रहा है।
शासन के शिक्षा विभाग के आदेशों क्रियान्वयन किस तरह से किया जाता है यहाँ आकर देख सकते हैं। सीमित संसाधनों के बाबजूद जनसहयोग एवं शिक्षक स्वयं के व्यय से स्कूल की तस्वीर बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। भवन की मरम्मत, आकर्षक प्रवेश द्वार, हर कक्षा कक्ष में सीलिंग फेन, सम्पूर्ण खाली परिसर में वृक्षारोपण कर शाला परिसर को छायादार किया जा चुका है।
छात्रों को सूचना तकनीक एवं प्रयोगात्मक शिक्षण से शिक्षित तो किया ही जा रहा हे उन्हें सीखने के अन्य अवसर भी उपलब्ध हों इसके लिए लेपटॉप चलाना, खोजयात्रा, हर उत्सव व त्योहारों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन कर राष्ट्रीय एवं लोक परम्पराओं से परिचित भी करवाया जाता है एवं छात्र उपस्थिति स्थिर व संतोषजनक बनी रहे इस हेतु सत्र में शिक्षक खुद रुचिकर भोज, कन्या भोज का आयोजन करता है। शाला के छात्र मीन्सकम मेरिट, इंस्पायर अवार्ड, राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा ओलम्पियाड जैसी अन्य परीक्षाओं में चयनित हो शाला का नाम रोशन कर रहे हैं।
शिक्षक अशोक शुक्ला को उनके इन कार्यों के लिए उन्हें जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट कार्य का एवं कोरोना काल में मेरा घर मेरा विद्यालय कार्यक्रम में छात्रों के शिक्षण को सुचारू रखने पर जिला शिक्षा केंद्र रायसेन द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया है तथा शिक्षक सन्दर्भ समूह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राज्य के शिक्षामंत्री ने राज्य स्तरीय गिजुभाई शिशाविद सम्मान भी दिया है।






