मध्य प्रदेश

8 महीने गुजरे अनाथ बच्चों को नहीं मिली कोई सहायता, जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य मंत्री को दे चुके हैं आवेदन

बड़े दादा-दादी को सिर्फ कोरी क्षति हुई
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।एक दो नहीं बल्कि पूरे 8 महीने गुज़र गए हैं शहर की नई तहसील कॉलोनी वार्ड के निवासी बड़े दादा तुलसीराम गौर दादी रोशनी अपने छोटे बेटे के दो मासूम अनाथ बच्चों को लेकर दर-दर की ठोकर खा रहे हैं लेकिन उन्हें बच्चों की परवरिश और शिक्षा किसी तरह की जिला प्रशासन से लेकर सरकार ने सहायता नहीं की है। जबकि वे गवाह हैं कि कलेक्टर की जनसुनवाई से लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी और नगर पात्रता अध्यक्ष सविता जमना सेन को आवेदन दे चुके हैं। लेकिन उन बच्चों की परवरिश और भरण पोषण शिक्षा शिक्षा के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। हाल ही में इन अनाथ वृद्ध बच्चों की परवरिश की जिम्मा बुजुर्ग दादा तुलसीराम गौर और स्थिति ध्यान के लिए संभव है कि लगभग 8 महीने पहले बुजुर्ग तुलसीराम ध्यान स्थिति गौर के छोटे बेटे और बहू ने रात के समय घर के कमरे में अज्ञात कारणों से फांसी पर झूल कर सुसाइड कर ली थी। इसके बाद उनके दो मासूम बच्चे हो गए देवांशु गौर 5 साल, बेटी की इच्छा लदान साल को छोड़ दी गई है। वे दर्शक हैं कि बीपीएल राशन कार्ड के लिए 1 महीने पहले लोक सेवा केंद्र रायसेन में आवेदन किया है। लेकिन एसडीएम साहब ने भी उनकी कोई सुनवाई नहीं की। जल्द ही उनका बीपीएल राशन कार्ड बन जाएगा। तो उनकी काफी समस्या हल हो जाती है।
इस संबंध में दीपक कुमार संकत जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी रायसेन का कहना है कि अनाथ बच्चों की सूची में जल्द नाम जोड़ दिए जाएंगे। साथ ही इन बच्चों की परवरिश शिक्षा दीक्षा के अधिकार तय किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री को दिया गया आवेदन हमारी छाया में हो गया है।

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