मध्य प्रदेश

आचार्य संघ के सानिध्य में सिद्धचक्र विधान का शुभारंभ, दोपहर में आचार्य संघो का कुंडलपुर की ओर विहार

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हें मंदिर जी धर्मशाला में 1008 श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का प्रातः बेला में भक्ति भाव के साथ शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर पूज्य गणाचार्य श्री विराग सागर जी के शिष्य आचार्य श्री विभव सागर, आचार्य श्री विनम्र सागर एवं आचार्य श्री विहर्ष जी महाराज का संघ सहित मंगल सानिध्य सभी को प्राप्त हुआ। विधान अवसर पर की गई भव्य समोसारण की रचना में विराजित श्री शांतिनाथ भगवान का अभिषेक शांति धारा एवं पूजन प्रातः बेला में संपन्न हुआ। शांति धारा का सौभाग्य विधान के पुण्य अर्जक श्रेयांश लहरी परिवार को प्राप्त हुआ। देव शास्त्र गुरु एवं नन्दीश्वर दीप पूजन के साथ समोसारण में प्रतिहार्य समर्पित किए गए। सिद्धों की आराधना एवं भक्ति में आज सिद्ध परमेष्ठी भगवान को आठ अर्घ्य समर्पित किए गए। इस अवसर पर आचार्य श्री विभव सागर ने अपने मांगलिक प्रवचनों में कहा कि चार ध्यान होते हैं, जिस में धर्म ध्यान मुख्य है। धर्म के भेदों का वर्णन करते हुए कहा कि पूर्ण मनोयोग के साथ सिद्ध परमेष्ठी भगवानों की आराधना कर असीम पुण्य का अर्जन हमारे जीवन में प्राप्त होता है। वह बहुत ही भाग्यशाली पुण्यशाली परिवार होता है जो महापर्व पर सिद्ध परमेष्ठी भगवान की आराधना एवं भक्ति करने का सौभाग्य प्राप्त करता है। हमें अपने जीवन में एक बार सिद्ध परमेष्ठी भगवान की आराधना सिद्धचक्र महा मंडल विधान के माध्यम से अवश्य करनी चाहिए। आचार्य श्री ने विधान के पुण्य अर्जक परिवार सहित सभी भक्तजनों को अपना मंगल आशीष प्रदान करते हुए कहा कि जो लोग भगवान का अभिषेक पूजन करते हैं मुनियों को आहार कर आते हैं सिद्ध क्षेत्र शिखरजी की वंदना करते हैं उनके जीवन में भले ही कितने ही पापों का बंध होता रहे लेकिन वह नरक और तिर्यंच गति को प्राप्त नहीं करते इतना तय है। प्रतिष्ठाचार्य मनोज जैन ललन भैया के मांगलिक निर्देशन में यह अभूतपूर्व आयोजन किया जा रहा है।इस अवसर पर कुंडलपुर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष संतोष सिंघई, पूर्व पदाधिकारी नवीन निराला, वीरेंद्र बजाज शैलेंद्र मयूर, राजेश हिनौती, जिनेंद्र उस्ताद, पदम चंद जैन महामंत्री, चंद्र कुमार खजरी, पवन चश्मा, रविंद्र जैन, मनीष आउटलुक, जितेंद्र जैन आदि ने श्रीफल भेंट करके आशीर्वाद प्राप्त किया।
त्रय आचार्य संघो का कुंडलपुर की ओर विहार
दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में करीब 1 सप्ताह तक धर्म प्रभावना की गंगा बहाने के बाद आचार्य श्री विभव सागर, आचार्य श्री विनम्र सागर एवं आचार्य श्री विहर्ष जी महाराज का संघ सहित मंगलवार दोपहर कुंडलपुर की ओर विहार हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तजनों ने साथ में पद विहार किया बुधवार को समस्त मुनि राजो की आहार चर्या हिंडोरिया में संपन्न होगी।

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