जनशिक्षक चला रहा पंचायत, डीईओ ने डीमरखेड़ा बीआरसी से प्रतिवेदन किया तलब
ग्राम पंचायत सिलौड़ी का मामला
मृगांचल एक्सप्रेस की खबर का असर
रिपोर्टर: सतीश चौरसिया
उमियापान।सिलौड़ी संकुल में जनशिक्षक संतोष बर्मन के नियम विरोधी और कदाचार करते हुए सिलौड़ी पंचायत में पत्नी के स्थान पर काम करते हुए सामान्य सरपंच की भूमिका में काम किया जा रहा है। इस मामले को मृगांचल एक्सप्रेस द्वारा प्रमुखता के साथ उठाया गया। मामले में जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा डीमरखेड़ा बीआरसी से प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। वहीं सरपंच के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीईओ ने जनपद सीईओ ढीमरखेड़ा से रिपोर्ट तलब की है।
स्मरण रहे कि जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत सिलौड़ी में सरपंच पंचो बर्मन है लेकिन पंचायत का संचालन पंचो बर्मन के पति संतोष बर्मन द्वारा किया जा रहा है। पंचो बर्मन के पति समुदाय से जनशिक्षक और शासकीय सेवा होने के बाद भी उनकी पंचायत में सरपंच की भूमिका निभाई जा रही है जो कदाचार की श्रेणी में आती है इसके बाद उनके द्वारा भी दबंगता के साथ कुछ नेताओं के शाह में खुलीआम राजनीति करते हैं कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
लगभग दो सप्ताह पहले जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में बड़वारा के विधायक द्वारा टेंकर वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिन पंचायतों को टैनकर वितरण किया गया था जिसमें सिलौरी पंचायत का भी नाम था। ऐसे ही सिलौड़ी पंचायतों को कसने की बारी आई और नाम पुकारा गया तब जनशिक्षक संतोष बर्मन वहां पहुंचे और उन्होंने ही तनकर प्राप्त किया, जबकि वहां पर सरपंच पंचो बर्मन मौजूद थे।
मैं सस्पेंड हो जाऊं तो अच्छा: जनशिक्षक
जनशिक्षक संतोष बर्मन अपने कार्य के प्रति कितना गंभीर है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जैसे ही लोगों का नाम और समाचार का प्रकाशन किया गया है, उनके लोगों द्वारा अब यह कहा जा रहा है कि मैं सस्पेंड हो आऊं तो अच्छा, ईमेल होने के बाद अच्छी से पंचायत रनौंगा। शिक्षा विभाग में जनशिक्षक जैसे महत्वपूर्ण पद पर होने के बावजूद उन्होंने सोच में क्या कहा जा सकता है। बहरहाल इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा बीआरसी धीमरखेड़ा से प्रतिवेदन तलब किया गया है। वही सरपंच ग्राम पंचायत सिलौड़ी की जांच के लिए जिला पंचायत सीईओ द्वारा ढीमरखेड़ा जनपद सीईओ को आदेश दिया गया है, इसके बाद आगामी परियोजना पर विचार किए गए हैं।
सरपंच पर धारा 40 के तहत कार्रवाई हो सकती है
यदि पंचायत में महिला सरपंच है और पंचायत का संचालन और पंचायत की सीमा में महिला सरपंच के स्थान पर उसके पति या कोई अन्य साधु शामिल होते हैं तो संबंधित सरपंच के खिलाफ मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 में पंचायत अधिकारी को जाने का प्रावधान निहित है। जिस तरह की कार्य प्रणाली सिलौड़ी पंचायत में बनी है, उससे संबंधित सरपंच के विरोधी धारा 40 की कार्यवाही कर उसे अलग करने की कार्यवाही की जा सकती है।



