अधिकारियों को गुमराह करने बीआरसीसी ने दिया गोलमोल जवाब
राजनीतिक कार्यक्रम को बता दिया सरकारी, सरपंच की भूमिका में जन शिक्षक
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिलौड़ी संकुल में पदस्थ जनशिक्षक संतोष बर्मन के द्वारा नियम विरूद्ध और कदाचार करते हुये सिलौड़ी पंचायत में पत्नी के स्थान पर काम करते हुये सरपंच की भूमिका में काम किया जा रहा था। इसी मामले को लगातार मृगाचंल एक्स्प्रेस द्वारा प्रमुखता के साथ उपरोक्त मामला उठाया जा रहा है।
इसी तारतम्य में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बीआरसीसी ढीमरखेड़ा से प्रतिवेदन तलब करते हुये संबंधित जनशिक्षक संतोष बर्मन से जवाब तलब किया गया था। जनशिक्षक द्वारा अपने जवाब में यह बताया गया कि नवनिर्वाचित सरपंच पंचो बर्मन है जो मेरी पत्नी है और मेरी पंचायत में कोई दखलदाजी नहीं है। आगे जवाब में यह लेख किया गया है कि बड़वारा विधायक द्वारा टेंकर वितरण का कार्यक्रम जनपद पंचायत में आयोजित किया गया था जहां पर मुझे पंचायत सचिव द्वारा फोन करके बुलाया गया था तब मैं वहां पर गया जबकि इसकी सत्यता यह है कि उक्त कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि उक्त कार्यक्रम में पार्टी के कार्यकर्ता और संबंधित पंचायत के सरपंच और सचिव को उपस्थित होना था, लेकिन जैसे ही वहां पर टेंकर वितरण का कार्यक्रम चालू हुआ तब वहां पहले से ही सिलौड़ी जनशिक्षक संतोष बर्मन मौजूद रहे और उनके द्वारा ही टेंकर रिसीव किया गया। वहीं अन्य पंचायतेें जिनकों टेंकर वितरण किया गया है वहां के सचिव से यह पूछा गया कि ऐसा कोई शासन का आदेश था कि उक्त कार्यक्रम में जनशिक्षक को बुलाना है तब उनके द्वारा बताया गया कि शासन से ऐसा कोई आदेश नहीं आया। लिहाजा इसके बाद भी सिलौड़ी सचिव गिरी द्वारा किस नियम से जनशिक्षक को आमंत्रित किया गया यह समझ से परे है। जनशिक्षक द्वारा अपने जवाब में आगे कहां गया कि धोखे से मेरी फोटो खीचीं गई जबकि संबंधित जनशिक्षक पूरे कार्यक्रम के दौरान वहां पर मौजूद रहे और इसके बाद विधायक निवास में बैठक के दौरान भी मौजूद रहे।
सिलौड़ी सचिव की भूमिका भी संदिग्ध
उपरोक्त मामला जैसे ही सामने आया और समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ, जिसके बाद संबंधित विभागीय अधिकारी हरकत में आये। इस मामले में सिलौड़ी जनशिक्षक को नोटिस जारी किया गया। उक्त नोटिस का जवाब देने के लिये जनशिक्षक ने सिलौड़ी सचिव बृजमोहन गिरी गोस्वामी से पंचायत के लेटर पैड में जनशिक्षक को आमंत्रित करने करने संबंधी बातों का उल्लेख करवा लिया जबकि उक्त कार्यक्रम में जनशिक्षक को आमंत्रित करने संबंधी शासन द्वारा कोई आदेश जारी नहीं किये गये।
जवाब संतोषजनक नहीं तो गिरेगी गाज
जनशिक्षक द्वारा नोटिस के तारतम्य में जो जवाब प्रस्तुत किया गया है इससे यदि जिला शिक्षा अधिकारी संतुष्ट नहीं होते है जो संबंधित जनशिक्षक के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही कर निलंबन किया जा सकता है।



