शासकीय महाविद्यालय के अभाव में प्रति वर्ष करीब 200 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । गौरझामर में संचालित 2 शासकीय कन्या एवं बालक हायर सेकंडरी विद्यालय जिनमें से प्रतिवर्ष करीब 200 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण होकर अग्रिम महाविद्यालयीन शिक्षा हेतु तत्पर रहते हैं लेकिन गौरझामर में एक भी शासकीय महाविद्यालय नहीं होने के कारण उदीयमान छात्र छात्राओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने में विद्यालय की कमी बहुत खल रही है महाविद्यालय की मांग बार-बार उठाई जाती है लेकिन मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी शिवराज सरकार जो अपने आप को बच्चों का मामा कहती है उनके भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ कर रही है राष्ट्रीय राजमार्ग 44 फोर लाइन पर स्थित गौरझामर सागर जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है यहां पर दो हायर सेकेंडरी स्कूल जिसमें एक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा दूसरा शासकीय बालक हायर सेकेंडरी स्कूल गौरझामर इन स्कूलों से प्रतिवर्ष करीब 200 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण होकर निकलते हैं जिन्हें अग्रिम महाविद्यालयीन शिक्षा प्राप्त करने हेतु देवरी अथवा सागर जाना पड़ता है देखा जाता है कि कई गरीब परिवार ऐसे हैं जिनके लिए अपने बच्चों को अग्रिम कालेज स्तरीय शिक्षा दिलाना बडा मुश्किल हो जाता है आज ऐसे हजारों शिक्षित बेरोजगार युवकों की फौज देखी जाती है जो उच्च शिक्षा की लालसा लिए दर-दर की ठोकरें खाते हुए फिर रहे इसके लिए शासन को शीघ्र गौरझामर में शासकीय महाविद्यालय खोलना चाहिए जिससे छात्र छात्राओं को हो रही परेशानी दूर हो सके।



