Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 07 जुलाई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 07 जुलाई 2023
07 जुलाई 2023 दिन शुक्रवार को शुद्ध श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया उपरान्त चतुर्थी तिथि थी। 06 जुलाई को ही सूर्य भगवान आर्द्रा नक्षत्र को छोड़कर पुनर्वसु नक्षत्र में आ गए हैं। इस पुनर्वसु नक्षत्र का योग स्त्री-पुरुष, चन्द्र-चन्द्र, खर वाहन, अमृत नाड़ी के वजह से सुवृष्टि का योग पञ्चांग में लिखा है। आज मरूभूमि में नागपञ्चमी मनाया जाता है। आप सभी सनातनियों को मरूभूमि के नागपञ्चमी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि : श्रावण मास कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि 12:17 AM तक उपरांत षष्ठी
🖍️ तिथि के स्वामी :- पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी और षष्टी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र शतभिषा 10:16 PM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी राहु है। शतभिषा नक्षत्र के देवता वरुण है।
📣 योग : आयुष्मान योग 08:29 PM तक, उसके बाद सौभाग्य योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 01:41 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 12:17 ए एम, जुलाई 08 तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:14:44
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:46:49
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:08 ए एम से 04:49 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:28 ए एम से 05:29 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:54 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:21 पी एम से 07:42 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 03:43 पी एम से 05:10 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, जुलाई 08 से 12:46 ए एम, जुलाई 08
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में मखाने की खीर अर्पित करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मौना पंचमी/ नाग पंचमी (बंगाल)/ सिक्खों के आठवें गुरु गुरु हर किशन सिंह का जन्मोत्सव, क्रिकेटर खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी जन्मोत्सव, विश्व किस्विली भाषा दिवस [यूनेस्को], सोलोमन द्वीप स्वतंत्रता दिवस, सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित अनुज नय्यर जयन्ती, विश्व चॉकलेट दिवस, राष्ट्रीय स्ट्रॉबेरी संडे दिवस, वैश्विक क्षमा दिवस, सत्य बताएं दिवस, राष्ट्रीय मैकरोनी दिवस, वन्य प्राणी दिवस, पंचक प्रारंभ
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
☘️ Vastu tips 🌳
घर में आ गया है पीपल का पेड़ तो करें ये उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर में पीपल का पेड़ नहीं होना चाहिए क्योंकि ये शुभ नहीं माना जाता है। इससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। साथ ही घर-परिवार के सदस्यों की तरक्की में बाधा आती है। लेकिन अगर आपके घर में पीपल का पेड़ उग गया है तो रविवार के दिन पहले पीपल के पेड़ की पूजा करें उसके बाद उसे कटवा दें। ऐसा करने से वास्तु दोष नहीं लगेगा।
अगर आपके घर में बार-बार पीपल का पेड़ उग जा रहा है तो ऐसे में आप 45 दिनों तक इस पौधे की पूजा करें साथ ही उस पर कच्चा दूध चढ़ाते रहें। फिर 45 दिनों के बाद इस पौधे को जड़ सहित उखाड़कर किसी दूसरे जगह पर लगा दें।
अगर आपके घर में पूर्व दिशा की ओर पीपड़ का पेड़ उग जाए तो इससे घर में डर का माहौल बन जाता है। ऐसे में इस पेड़ की विधि-विधान से पूजा करने के बाद उसे कटवा दें।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
क्या तौलिये से दाद हो सकता है? कई बार लोग नहाने के बाद तौलिये को कमरे में ही सुखाते हैं, अगर आप भी ऐसा करते हैं तो बंद कर दीजिए। बरसात के मौसम में यही तौलिया आपको एक्जिमा, दाद, रैशेज और अन्य स्किन संबंधित बीमारियां दे सकती है। उमस के मौसम में बैक्टीरिया आसानी से गीली तौलिया पर पनपने लगते हैं ऐसे में उसी तौलिये को इस्तेमाल करने से दाद की समस्या फैल सकती है।
दाद से बचाव के तरीके
नहाने के बाद हमेशा तौलिया धूप में सुखाएं और 2 दिन में इसे जरूर धोएं।
मानसून के मौसम में इंफेक्शन से बचने के लिए कॉटन के ढीले साफ कपड़े पहनें।
दाद से संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, कपड़े और कंघी घर के बाकी सदस्य इस्तेमाल न करें।
रिंगवर्म जैसे इंफेक्शन से बचने के लिए खुद को साफ रखें और दाद को न छुएं।
🍸 आरोग्य संजीवनी 🍶
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए अर्जुन की छाल अर्जुन की छाल में फ्लेवोनॉयड, ग्लाइकोसाइड, फेनोलिक एसिड, ट्राइटरपेनॉइड जैसे एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। अर्जुन की छाल की चाय शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने और बेड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होती है। आयुर्वेद में भी अर्जुन की छाल के फायदों का जिक्र है। अर्जुन की छाल आपके शरीर में दिल से संबंधित बीमारियों को रोकती है। इस चाय को पीने से ब्लड सर्कुलेशन इंप्रूव होता है और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी कम होती है।
अर्जुन की छाल की चाय कैसे बनाएं अर्जुन की छाल की चाय बनाने के लिए एक बर्तन में 1 गिलास दूध डालें और फिर उसमें अर्जुन की छाल डाल दें या फिर आप अर्जुन की छाल का 1 चम्मच पाउडर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। दूध को तब तक उबालें जब तक की दूध गाढ़ा होकर आधा नहीं हो जाता। आपकी अर्जुन की छाल की चाय तैयार है, इसे आप गुनगुना ही पिएं। आप इस चाय में मिठास लाने के लिए 1 चम्मच शहद भी मिला सकते हैं। नियमित रूप से इस चाय को डाइट में शामिल करने से हाई कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
दुष्ट और चरित्रहीन स्त्री आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि दुष्ट स्वभाव की स्त्री या चरित्रहीन महिला की कभी मदद नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्त्रियां आपके भले होने का गलत फायदा उठाती हैं। ऐसी स्त्री समाज के लिए किसी जहरीले सांप की समान है। ऐसी स्त्री को सिर्फ धन से मोह होता है। जो जरुरत के वक्त आपको कभी भी मदद नहीं करेगी।
आत्ममुग्ध इंसान आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं किसी आत्ममुग्ध या मूर्ख की मदद करना अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। ऐसे व्यक्ति आपको हरा हाल में हराने की कोशिश करते हैं। अगर आपने उनके लिए कुछ भला भी कहा है तो वो उसे अपने ईगो पर लेते हैं और आपको नीचा दिखने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं।
आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं हमेशा दुखी रहने वाले लोगों से सौ कदम की दूरी पर रहना चाहिए। ऐसे लोग दूसरों की खुशी ईर्ष्या करते हैं और मन ही मन उनके लिए बुरा भाव भी रखते हैं। ऐसे लोगों से हमेशा दूर रहे क्योंकि ये सिर्फ दुखी होने का दिखावा करते हैं बल्कि आपको भी नकारात्मक वातावरण में लेकर जाते हैं।
❀꧁ 𓇽𝐻𝑎𝑟𝑒 𝐾𝑟𝑖𝑠ℎ𝑛𝑎𓇽꧂❀
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।


