रेत खदान बंद होने के बाद भी ओवरलोड रेत से भरे डंपर अंधी रफ्तार से दौड़ रहे है सडक़ो पर,
बाबजूद भी अधिकारी नही कर रहे कार्रवाही,
एसडीएम बोले मीडिया से मिली है जानकारी, करेगे जांच।
सिलवानी। रेत की खदान बंद हो जाने के बाद भी लगातार रेत का परिवहन जारी है। रेत का परिवहन होने की जानकारी के बावजूद भी प्रशासन के द्वारा ओवरलोड रेत से भरे डंपरो पर कार्रवाही नही की जा रही है। फलस्वरुप प्रशासन की भूमिका पर सदेंह व्यक्त किया जा रहा है। अंधी रफ्तार से दौड़ते रेत से भरे ओवर रोड डंपर कभी भी हादसे का कारण बन सकते है। लेकिन अधिकारी पुख्ता कार्यवाही नही कर रहे है। जिसके चलते डंपर आपरेटरो के हौंसले बुलंद हो रहे है। दिन व रात के समय रेत से भरे अनेको की संख्या में डंपर बेरोकटोक नगर की सडक़ो से गुजरते है।
जानकारी के अनुसार जून माह में तय प्रक्रिया के तहत प्रशासन के द्वारा रेत खदानो से रेत निकाले जाने का कार्य बंद कर दिया है। प्रति वर्ष बरसात के चार माह में रेत खदानो को प्रशासन के द्वारा बंद कर दिया जाता है। इस दौरान ना तो रेत का परिवहन किया जाता है और ना ही रेत का उत्खनन ही किया जा सकता है। लेकिन नियमो को धता बताते हुए रेत माफिया प्रति दिन अनेको डंपरो में रेत भर का रेत का परिवहन कर रहे है। परंतु कार्रवाही कि के नाम पर प्रषासन मूकदर्शक बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि नर्मदा नदी रेत खदान से निकलने वाली रेत का का व्यापार खनिज माफियाओं के द्वारा किया जा रहा है। तहसील मुख्यालय सिलवानी के स्टेट हाईवे 44 तथा 15 से दिन रात के समय अनेको की संख्या में रेत से भरे डंपर बेरोकटोक निकल रहे है। लेकिन अधिकारियो के द्वारा ना तो रेत से भरे डंपरो की जांच की जा रही है और ना ही जानकारी ही जुटाई जा रही है कि प्रतिबंध होने के बाद भी रेत किस जगह से आ रही है। इससे एैसा जान पड़ता है कि सांठ गांठ से ही रेत का अवैध रुप से परिवहन किया जा रहा है। सूत्रो ने बताया कि रेत से भरे वाहनो के पास रेत की रायल्टी भी नही होती है।
बताया जा रहा है कि नर्मदा नदी की रेत से भरे ओवरलोड डंपर प्रतिदिन अनेको रेत से भरे डंपर नगर के बजरंग चौराहा से गुजरते है। अंधी रफ्तार से गुजरने वाले इन वाहनो से पूर्व में अनेको सडक़ हादसे भी हो चुके है। बताया जा रहा है कि रेत से भरे ट्रक, डंपर आदि वाहन सिलवानी से होते हुए सागर, बीना, विदिशा, अशोकनगर, गैरतगंज, राहतगढ़ आदि स्थानों के लिए जाते है। गैरतगंज, राहतगढ़, विदिशा आदि स्थानों तक जाने वाले रेत से भरे बाहन तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के सामने से गुजरते है। लेकिन कभी भी अधिकारियों के द्वारा कभी भी कार्यवाही नही की जाती है। प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता से रेत से भरे वाहनो की जांच करे तो अनेक प्रकार की अनियमित्ताए उजागर हो सकती है। लेकिन अधिकारियो के द्वारा जांच किए जाने की संभावना बताई जा रही है।
नगर का व्यस्ततम बजरंग चौराहा से ही रेत से भरे बाहन अंधी रफ्तार से दौड़ते हुए गुजरते है। यह चौराहा पर सुबह से रात तक भारी ट्राफिक रहता है। सडक़ किनारे लगते ठेले व दुकानदारो के द्वारा सडक़ के दोनो तरफ दुकानो के सामने 10 से 15 फिट तक सामान रख लिए जाने से चौराहा से निकली स्टेट हाईवे की सडक़ मात्र 15 से 20 फिट की ही बचती है। हालांकि अधिकारी क्षमता से अधिक रेत भर कर अंधी रफ्तार से दौड़ते डंपरो, ट्रक आदि वाहनो की जांच कर कार्यवाही किए जाने का भरोसा दिलाते है। लेकिन कार्यवाही नही की जाती है। लगता है प्रषासन भी गंभीर हादसे का इंतजार कर रहा है।
खनिज विभाग के अघिकारी नही करते कार्यवाही:- प्रति दिन ओवरलोड रेत भर कर नगर की सडक़ो से अनेको की संख्या में डंपर निकल रहे है। निकलने वाले डंपरो तथा ट्रको के पास रेत की रायल्टी नही होना बताया जा रहा है। लेकिन कार्यवाही के अभाव में रेत का अवैध परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा हैं ।
इस संबंध में प्रकाश नायक, एसडीएम सिलवानी का कहना है कि रेत से भरे डंपर निकलने की जानकारी मीडिया से मिली है, जांच की जाएगी। नियम विरुद्व होने व रायल्टी ना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाही की जाएगी।



