क्राइम

दिनदहाड़े महिला को चाकू मारने वाले आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । बस स्टेण्ड पर दिनदहाडे महिला को चाकू मारने वाले आरोपी के विरुद्ध लंबित मामले में आरोप सिद्ध पाए जाने पर प्रथम अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश विवेक शिवहरे द्वारा सत्र प्रकरण में धारा 307 भादवि में निर्णय पारित करते हुए आरोपी महेंद्र अहिरवार पिता डालचंद अहिरवार आयु 45 वर्ष निवासी- बड़ी सदर सागर हाल निवासी राहतगढ को धारा 307 भादवि में दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000/- रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
शासन की ओर से पैरवी कर्ता शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र गौर ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि 17 अप्रैल 2023 को पुलिस थाना बेगमगंज को सिविल अस्पताल बेगमगंज से प्रकरण के फरियादी सज्जन पिता मानसिंह अहिरवार उम्र 19 साल निवासी ग्राम पंदरभटा थाना सुल्तानगंज द्वारा दूरभाष पर यह सूचना दी कि आज जब वह दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बस स्टैंड पर अपनी मां पूना बाई के साथ बस स्टैंड आया था तब वहां पर आरोपी महेन्द्र अहिरवार पिता डालचंद अहिरवार उम्र 45 वर्ष आया और उसकी मां पूनाबाई को गंदी-गंदी गालियां देने लगा। चूंकि उसके पिता मानसिंह अहिरवार का निधन हो चुका है। इसलिए आरोपी महेंद्र अहिरवार उसकी मां पूना बाई को जबरन वह अपने साथ रखना चाहता है। उक्त घटनाक्रम में उसकी मां के द्वारा जब विरोध किया गया तथा गाली देने से मना किया गया तो आरोपी महेन्द्र अहिरवार द्वारा उसकी मां पूना बाई को जान से मारने के उद्देश्य से चाकू से पेट पर वार किया गया जिससे उसकी माँ को चाकू के जानलेवा प्रहार से रक्त स्त्राव होने लगा और घटना कारित करने के पश्चात आरोपी महेन्द्र वहां से फरार हो गया इसके उपरांत फरियादी द्वारा अपने आहत माँ को उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया। बाद विवेचना सम्पूर्ण अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जिस पर प्रथम अपर सत्र न्यायालय विवेक शिवहरे द्वारा सभी अभियोजन साक्षियों के न्यायालयीन कथनों एवं साक्ष्यों को विधिसम्मत मूल्यांकन करने के उपरांत आरोपी महेंद्र अहिरवार पिता डालचंद अहिरवार उम्र 45 वर्ष को हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए धारा 307 भादवि में 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 रूपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण के विचारण के दौरान आरोपी जेल में निरूद्ध रहा।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता अपर लोक अभियोजक धीरेन्द्र गौर द्वारा की गई।

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