पर्यावरण

सीतानगर परियोजना में सिंचित भूमि की जगह असिंचित भूमि का दिया गया किसानों को मुबाबजा

पथरिया विधानसभा के बटियागढ़ जनपद पंचायत के बरखेरा नाहर का मामला
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
बटियागढ़ । दमोह जिला अतंर्गत आजादी के बाद से गांव तक पक्की सड़क नहीं बनाई गई है। पानी निकासी की सुविधा तो दूर बरसात के दिनों में ग्रामीणों का मुख्य रोड तक पहुंचने तक का रास्ता बंद हो जाता है। ग्रामीण गांव में रहते हुए भी बदहाली का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। मगर अभी तक गांव में शासन व प्रशासन द्वारा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। सुविधाएं नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों में प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।पूरा मामला दमोह जिले के पथरिया विधानसभा के बटियागढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत चेनपुरा के ग्राम बरखेरा नाहर का है जहा पर आज भी कच्ची सड़क से होकर लोगो को जाना पड़ता है जहा पर बरसात के दिनों काफी समस्या से होकर गुजरना पड़ता है उन्ही दूसरी समस्या जहा पर कुछ साल पहले सीता नगर परिजोजना के तहत बांध बांधा गया था लेकिन किसानों को सीतानगर परियोजना में सिंचित भूमि की जगह आसिंचित भूमि का किसानों को मुबाबजा दिया गया है जिससे किसानों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा है इस गांव में 764 वोटर है रोड नही तो वोट नहीं के नारे के साथ विधनसभा चुनाव में किया था बहिष्कार रोड नही तो वोट नहीं के नारे लगाते हुए ग्राम बरखेरा नाहर के ग्रामीण जनों ने चुनाव में मतदान करने का बहिष्कार किया था क्युकी मेन रोड से बरखेरा नाहर 6 किलोमीटर दूर तक रोड की सुबिधा नही है और कच्ची मुरम की सड़क है इसको लेकर ग्रामीण जन ने चुनाव का बहिष्कार किया था यह बहिष्कर 5 घंटे तक चलता रहा इसके बाद 12 बजे के बाद मतदान शुरू किया गया था, इस गांव के ग्रामीण जनो को बरसात के समय बहुत समस्या होती हैं बरसात के समय कोई बीमार पड़ जाए या फिर डिलेवरी का समय हो तो एम्बुलेंस भी नहीं आ पाती है सीतानगर परियोजना में सिंचित भूमि की जगह आसिंचित भूमि का दिया गया मुबाबजा – कुछ साल पहले शासन के द्वारा क्षेत्र के लोगो को पानी की समस्या को मिटाने के लिए सीता नगर परियोजना के तहत सुनार नदी में बांध बांधा गया था जिसमें कुछ गांव का विस्थापन भी किया जा रहा है जिसमे एक बरखेरा नाहर भी है परियोजना में इस गांव की भूमि भी आई है लेकिन इन लोगो को जो भूमि का मुवाबजा दिया गया उसे शासन के द्वारा सिंचित भूमि को आसिंचित करके कम मुवाबजा दिया है हम लोगो के द्वारा कई बार कलेक्टेड कार्यालय जाकर ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया है लेकिन शासन की ओर से कोई भी उचित करवाही नही की गई है यह मामला हाई कोर्ट में भी चल रहा है यदि यहां के जन प्रतिनिधियों ने हम लोगो का साथ दिया होता तो हम लोगो की जमीन पानी के भाव नही जाती ग्रामीण लाल सिंह, रामसिंह, सुनीलसिंह का कहना है मेन रोड से हमारे गांव तक आने के लिए रोड नही है गांव से मेन रोड की दूरी 6 किलोमीटर है बरसात के दिनों में काफी समस्या होती है और दूसरी समस्या यहा सीतानगर परियोजना के तहत बांध बांधा गया है जिसमे हम लोगो की जमीन बांध के अंदर आई है लेकिन सरकार के द्वारा हमारी जमीन सिंचित भूमि होने के बाबजूद भी आसीचित का मुवाबजा दिया गया! हम लोगो के भूमि के बिल हर माह आ रहे है पथरिया विधानसभा के पूर्व विधायक और बीजेपी प्रत्याशी लखन पटेल का कहना है की यहाँ पर जो भूमि का मुवाबजा दिया है उह असिंचित का दिया गया है लेकिन यह भूमि रिकार्ड में सिंचित है बो विसंगति है उसके लिए हम ऊपर बात करेगे और निरीक्षण करके सही कराया जायेगा और सीता नगर परियोजना में भूमि डूब में आने के कारण मार्ग बंद हो गया है उसका भी जल्द निराकरण किया जाएगा।

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