Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 02 जनवरी 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 02 जनवरी 2024
02 जनवरी 2024 दिन मंगलवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज दोषसंघ विनाशक रवियोग है। अर्थात आपके पूर्वजन्म के कितने दोषों के समूह ही क्यों न हों? अर्थात आपके जीवन में उन दोषों के प्रतिफल स्वरूप कितने भी कष्ट क्यों न मिल रहे हों? उन सभी दोषों के समूहों का समूल नाश करनेवाला दोषसंघ विनाशक रवियोग है। आज “शुभाशुभ त्र्यगुण्यकर: त्रिपुष्कर योग भी है। अर्थात शुभ करेंगे तो तीन गुना ज्यादा और अशुभ करेंगे तो तीन गुना अशुभ फल प्राप्त होंगे। आज चन्द्र देवता सिंह राशि को छोडकर कन्या राशि में दिन में 04:32 बजे चले जाएंगे। आप सभी सनातनी बंधुओं को “चन्द्र देवता के कन्या संक्रांति” की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – पौष मास कृष्ण पक्ष दिन मंगलवार षष्ठी तिथि 05:11 PM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथि स्वामी – षष्ठी तिथि के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 11:42 AM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी : पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। तथा देवता भग हैं।
🔊 योग – सौभाग्य योग 05:32 AM तक, उसके बाद शोभन योग
⚡ प्रथम करण : वणिज – 05:10 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 06:30 ए एम, जनवरी 03 तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:46:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:14:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:25 ए एम से 06:19 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:52 ए एम से 07:14 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:04 पी एम से 12:46 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:09 पी एम से 02:50 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:33 पी एम से 06:01 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:36 पी एम से 06:58 पी एम
💧 अमृत काल : 06:39 ए एम, जनवरी 03 से 08:27 ए एम, जनवरी 03
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:58 पी एम से 12:52 ए एम, जनवरी 03
🪷 त्रिपुष्कर योग : 05:10 पी एम से 07:14 ए एम, जनवरी 03
❄️ रवि योग : 11:42 ए एम से 07:14 ए एम, जनवरी 03
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-बहते जल में 250 ग्राम बताशे प्रवाहित करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/त्रिपुष्कर योग/रवियोग/ शुभाशुभ त्र्यगुण्यकर: त्रिपुष्कर योग/ दोषसंघ विनाशक रवियोग/ कन्या संक्रांति/ भारतीय स्वतंत्रता सेनानी भाई कोतवाल शहीद दिवस, विश्व अंतर्मुखी दिवस ( World Introvert Day )
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🌷 Vastu tips 🌸
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो कभी भी देवी-देवताओं वाले या फिर उनकी बनावट वाले लॉकेट नहीं पहननी चाहिए। शास्त्रों के मुताबिक, रोजमर्रा की जिंदगी में शरीर पर गंदगी लग जाती है और वो लॉकेट में भी जमा होती है। वहीं कई बार ऐसा होता है कि बिना हाथ धोए ही लोग गंदे हाथ से लॉकेट पहन लेते हैं जो भगवान का अपमान है। इससे घर में नकारात्मक शक्तियां हावी हो सकती है। साथ ही आपको जीवन में कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए भगवान वाले लॉकेट पहनने से मना किया जाता है।
लॉकेट पहनना है तो करें ये उपाय आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, शुभ प्रभावों के लिए आप देवी-देवताओं से संबंधित यंत्र धारण कर सकते हैं। अगर यंज्ञ वाले लॉकेट को विधि से धारण किया जाए तो जीवन में पॉजिटिविटी आती है और कुंडली में अगर कोई दोष है तो वो भी समाप्त हो जाता है।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सर्दियों में सुबह कितने बजे तक उठ जाना चाहिए- एक शब्द है जिसका उपयोग आपके मस्तिष्क के प्राकृतिक नींद और जागने की सेटिंग के लिए किया जाता है। इसके अनुसार हर किसी को 24 घंटे में दो समय पर सबसे अधिक नींद आने की संभावना होती है दोपहर 1 बजे और 3 बजे के बीच और 2 बजे रात से लेकर सुबह 4 बजे के बीच। इस समय सबसे गहरी नींद में व्यक्ति सो रहा होता है। ऐसे में सर्दियों में सुबह 4 या 5 बजे जल्दी उठना काफी मुश्किल होता है। इसलिए, सर्दियों में सुबह 6:30 बजे से 7:30 बजे के बीच उठ जाना चाहिए।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🥛
बुड्ढे लोगों के घुटनों के दर्द का इलाज क्या है?
यह समस्या अब बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है तो आज मैं आपको घुटनो के दर्द और ग्रीस को ठीक करने का एक छोटा सा फ्री का नुस्खा बता रहा हूँ
1 बाबुल की फली- 250ग्राम
2 धागे वाली मिश्री- 150 ग्राम बाबुल की फली को तोड़कर छाया में सुखा ले और बीज निकाल दे।
दोनों को अलग अलग पीसकर एक साथ मिक्स कर ले। 1 चम्मच सुबह 1 चम्मच शाम को पानी से लेनी है कम से कम 6 महीने।
जिनको शुगर है वो मिश्री न मिलाये।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
बरगद या पीपल की कलम जितनी चाहे उतनी रोपने की कोशिश करो परंतु नहीं लगेगी।कारण प्रकृति/कुदरत ने यह दोनों उपयोगी वृक्षों को लगाने के लिए अलग ही व्यवस्था कर रखी है।
यह दोनों वृक्षों के बीज कौवे खाते हैं और उनके पेट में ही बीज की प्रोसेसिंग होती है और तब जाकर बीज उगने लायक होते हैं। उसके पश्चात कौवे जहां-जहां बीट करते हैं, वहां-वहां पर यह दोनों वृक्ष उगते हैं।
पीपल जगत का एकमात्र ऐसा वृक्ष है जो ऑक्सीजन O2 छोड़ता है और बरगद के औषधि गुण अपरम्पार है। देखो अगर यह दोनों वृक्षों को उगाना है तो बिना कौवे की मदद से संभव नहीं है इसलिए कौवे को बचाना पड़ेगा।
और यह होगा कैसे? मादा कौआ भादो महीने में अंडा देती है और नवजात बच्चा पैदा होता है। तो इस नयी पीढ़ी के उपयोगी पक्षी को पौष्टिक और भरपूर आहार मिलना जरूरी है इसलिए ऋषि-मुनियों ने कौवों के नवजात बच्चों के लिए हर छत पर श्राद्ध के रूप मे पौष्टिक आहार की व्यवस्था कर दी।
जिससे कि कौवों की नई जनरेशन का पालन पोषण हो जाये……
इसलिए दिमाग को दौड़ाए बिना श्राद्ध करना प्रकृति के रक्षण के लिए नितांत आवश्यक है। घ्यान रखना जब भी बरगद और पीपल के पेड़ को देखो तो अपने पूर्वज तो याद आएंगे ही क्योंकि उन्होंने श्राद्ध दिया था इसीलिए यह दोनों उपयोगी पेड़ हम देख रहे हैं।
सनातन धर्म पे उंगली उठाने वालों, पहले सनातन धर्म को जानो फिर उस पर ऊँगली उठाओ।
जब आपका विज्ञान नही था, तब हमारे सनातन धर्म को पता था कि किस बीमारी का इलाज क्या है, कौन सी चीज खाने लायक है कौन सी नहीं…?
अथाह ज्ञान का भंडार है हमारा सनातन धर्म और उनके नियम, मैकाले के शिक्षा पद्धति में पढ़ के केवल अपने पूर्वजों, ऋषि मुनियों के नियमों पर ऊँगली उठाने के बजाय , उसकी गहराई को जानिये
※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
⚜️ षष्ठी तिथि यदि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है। परन्तु ऐसे जातक छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।


