Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 07 जनवरी 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 07 जनवरी 2024
07 जनवरी 2024 दिन रविवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। अर्थात आज सफला नाम का एकादशी व्रत सभी के लिए है। आप सभी एकादशी व्रतियों को सफला एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार इस एकादशी को सफला एकादशी कहा जाता है। आप सभी सनातनियों को “सफला एकादशी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें एवं मंगलकामनाएँ।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – रविवार पौष माह कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 12:46 AM तक उपरांत द्वादशी
🖍️ तिथि स्वामी – एकादशी तिथि के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र विशाखा 10:08 PM तक उपरांत अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी – विशाखा नक्षत्र का स्वामी गुरू है। तथा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं।
📣 योग – शूल योग 04:52 AM तक, उसके बाद गण्ड योग
⚡ प्रथम करण : बव – 12:50 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 12:46 ए एम, जनवरी 08 तक
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:34 बजे से 17:56 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:45:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:15:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:26 ए एम से 06:21 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:53 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:06 पी एम से 12:48 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:11 पी एम से 02:53 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:37 पी एम से 06:04 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:39 पी एम से 07:01 पी एम
💧 अमृत काल : 01:04 पी एम से 02:43 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:00 ए एम, जनवरी 08 से 12:54 ए एम, जनवरी 08
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में आठ बादाम चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सफला एकादशी व्रत (सर्वे), महायान नव वर्ष, ओल्ड रॉक डे , नेशनल बॉबलहेड डे, हार्लेम ग्लोबट्रॉटर डे, आई एम नॉट गोइंग टू टेक इट एनीमोर डे, महायान न्यू ईयर, हास्य कलाकार जॉनी लीवर जन्म दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी जानकी देवी बजाज जयन्ती, राजिम भक्तिन माता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय प्रोग्रामर दिवस
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🗽 Vastu Tips 🗺️
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे घर में पैसों की प्राप्ति और बरकत के बारे में। एक कांच के पात्र में या कटोरी में थोड़ा-सा मोटा नमक लें और उस कटोरी में नमक के साथ चार-पांच लौंग भी रखें। इसे आप घर के किसी भी एक कोने में रख सकते हैं। इस उपाय को करने से धन की आवक शुरू होगी और घर की चीजों में बरकत भी बनी रहेगी। कांच की कटोरी में नमक रखने से जहां एक तरफ घर में धन की कमी दूर होगी तो दूसरी तरफ पूरा घर एक अलग ही सुगंध से महक उठेगा और घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
इसके अलावा यदि बाथरूम संबंधी कोई वास्तु संबंधी समस्या है तो कटोरी में क्रिस्टल नमक लेकर बाथरूम में ही किसी ऐसी जगह पर रख दें जहां पर किसी के हाथ उस पर न पड़े और कुछ-कुछ दिनों में कटोरी में से नमक को बदल दें। वास्तु के अनुसार, यदि आपके घर में भी कोई सदस्य बीमार है तो उस सदस्य के सोने के कमरे में सिरहाने पर एक कटोरी में सेंधा नमक के कुछ टुकड़े रख दें। बीमारी व्यक्ति का सिरहाना पूर्व दिशा की तरफ रख दें। वास्तु में इस उपाय को काफी कारगार बताया गया है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगर आपको लगता है कि ब्रेकअप के लिए आपकी गलती ज्यादा है तो पहल करें और माफ कर दें। सॉरी कहने से कुछ नहीं होता. अगर आपकी गलतियों से आपके पार्टनर को ठेस पहुंची है तो माफी मांगें। माफ़ी मांगना किसी भी टूटे हुए रिश्ते को सुधारने की नींव है। आपको अतीत के लिए खुद को भी माफ कर देना चाहिए। अगर आपका पार्टनर भी अतीत को भूलकर आपके साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहता है तो वह आपकी भावनाओं को जरूर समझेगा। ईमानदारी से माफी मांगें और अपनी गलतियां न दोहराएं।
अगर आप टूटे हुए रिश्ते को जोड़ना चाहते हैं तो सकारात्मक विचार रखें। अगर आप सकारात्मक रहकर टूटे हुए रिश्ते को एक और मौका देना चाहते हैं, तो इन वाइब्स को अपने पार्टनर तक सही तरीके से पहुंचाएं। जब आप आश्वस्त होंगे, तो आप अपने साथी को चीजों को फिर से आज़माने के लिए प्रोत्साहित कर पाएंगे
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
आँखों को ढकें सर्दियों में बाहर निकलते समय अपनी आंखों को ढंकना महत्वपूर्ण है. ठंडी हवा और तेज़ धूप आंखों की नमी को बहुत शीघ्र सोख लेती है, जिससे आंखें शुष्क और लाल हो जाती हैं. चिकित्सक आपकी आंखों को ठंड और प्रदूषण से बचाने के लिए बाहर जाते समय अच्छी गुणवत्ता वाला धूप का चश्मा पहनने की राय देते हैं.
पर्याप्त नींद हो रही है विशेषज्ञों के अनुसार आंखों की स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद बहुत महत्वपूर्ण है. हर रात 7 से 8 घंटे गहरी नींद लेनी चाहिए ताकि आंखों को आराम मिल सके और ऊतकों को स्वयं को दुरुस्त करने का मौका मिले.
हाइड्रेटेड रहना सर्दियों में अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत महत्वपूर्ण है. इससे आंखों समेत पूरे शरीर में नमी बनी रहती है. सर्द सर्द हवाएँ हमारे शरीर से नमी सोख लेती हैं. खासतौर पर आंखें शीघ्र प्रभावित होती हैं. रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पियें. यह आपके शरीर और विशेषकर आपकी आँखों को हाइड्रेटेड रखने में सहायता करेगा.
📘 गुरु भक्ति योग 🕯️
शनिदेव न्यायाधीश की भांति इंसान के कर्मों का फैसला करते हैं, साढ़ेसाती के दौरान शनिदेव व्यक्ति को उसी प्रकार निखारता है जिस प्रकार एक कुम्हार मिट्टी को निखारते हुए उसे एक सुंदर बर्तन का रूप दे देता है। एक आम व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती का नाम सुनते ही घबरा जाता है, क्योंकि सबके मन में यह धारणा घर कर गई है कि साढ़ेसाती का प्रभाव हमेशा अशुभ ही होता है।
शनि का डर समाज में इस तरह से व्याप्त है कि अगर किसी का कोई भी नुकसान हुआ हो या व्यापार में घाटा लग गया हो तो सारा दोष शनिदेव के ऊपर ही आता है। शनिदेव के बारे में लोगों की धारणा बहुत ही नकारात्मक है यद्यपि शनि को ज्योतिष में अशुभ ग्रह माना गया है, लेकिन इसका अंतिम परिणाम सुखद होता है, यह मनुष्य को दुर्भाग्य तथा संकटों के चक्कर में डालकर अंत में उसे तपाकर शुद्ध, सात्विक तथा कर्मशील बना देता है। साढ़ेसाती चल रही हो और अशुभ शनि के कारण घोर कष्ट, पीड़ा हो रही हो, तो यह समझना चाहिए कि शनि चिकित्सक की भांति आपका इलाज कर पूर्व जन्म के अशुभ कर्मों का फल देकर उन्हें शांत कर रहे हैं।
अगर किसी व्यक्ति की टांग में घाव सड़ने लगता है और उसका जहर समस्त शरीर में फैलने का भय होता है तो डाक्टर समस्त शरीर को बचाने एवं मरीज की प्राण रक्षा के लिए उसअंग को काट देता है, क्या यह क्रूरता है? इसी प्रकार शनि भी अपनी तरह से इलाज करता है और व्यक्ति को कष्ट देकर मेहनती, ईमानदार और परिश्रम करने वाला बनाता है।शनि की साढ़ेसाती की शुभता या अशुभता इस बात पर निर्भर करती है कि जन्म कुंडली मे शनि कैसी स्थिति में है। जिनकी कुंडली में शनि बलवान होकर शुभ स्थानों पर बैठता है, ऐसे व्यक्तियों की किस्मत का ताला साढ़ेसाती के दौरान ही खुलता है, ऐसे व्यक्ति की साढ़ेसाती के दौरान घर में मांगलिक कार्य संपन्न होते हैं, नया वाहन, मकान, जमीन जायदाद प्राप्त होती है, व्यवसाय मे उन्नति तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता मिलती है।
लेकिन अगर कुंडली में शनि निर्बल, नीच राशि में हो, शत्रु क्षेत्रीय हो और अशुभ स्थान पर बैठा हो, तो साढ़ेसाती के दौरान शनि कुपित होकर सर्वनाश करदेते हैं।शनि को तुला राशि में उच्च का माना जाता है तथा मेष राशि में शनि नीच के कहलाते हैं। जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि नीच राशि का हो अथवा अकारक हो, उन्हें साढ़ेसाती के दौरान अपने कर्मों में सुधार कर उपाय अवश्य करते रहना चाहिए, अन्यथा ऐसे व्यक्तियों पर शनि की दृष्टि पड़ते ही विपत्तियों के पहाड़ टूट पड़ते हैं, कलह, क्लेश, मानसिक तनाव, शारीरिक रोग, शत्रु पीड़ा से लेकर धन-हानि तक उठानी पड़ती है।
शनि की दशा लगने पर अथवा साढ़ेसाती, ढैय्या आदि चलने पर प्रत्येक व्यक्ति को अपना कार्य पूर्ण ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ करना चाहिए क्योंकि शनिदेव कभी भी ईमानदार व्यक्ति को दंडित नहीं करते हैं तथा शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या की अवधि समाप्त होने पर व्यक्तियों को उनके कर्म अनुसार पुरस्कृत भी करते हैं। जिन लोगों को वकालत आदि क्षेत्र में रूचि हो और उनकी जन्मपत्री में शनि बलवान हो, तो ऐसी स्थिति में करियर निर्धारण करते समय वकालत आदि क्षेत्रों का चयन करना श्रेयस्कर रहता है। जन्मकुंडली में शनि बलवान होने पर व्यक्ति को न्यायाधीश पद पर नियुक्त करता है।
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।


