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सफला एकादशी की तिथि, पूजा विधि, और महत्व

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
⚜▬▬ஜ✵❀ श्री हरि: ❀✵ஜ▬▬⚜
🔮 साल की पहली एकादशी? जानिए तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
🧾 हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है। सफला एकादशी भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है। सफला एकादशी अपने नाम के अनुसार सभी कार्य में सफलता दिलाने वाली और मनोकामना पूर्ण करने वाली मानी जाती है। जो हर काम में असफल होते रहते हैं या खूब मेहनत के बाद भी जिन्हें सफलता नहीं मिलती है, ऐसे लोगों को सफला एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। कहा जाता है कि सफला एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से नए साल में सफला एकादशी की तिथि, पूजा विधि और महत्व के बारे में…
🐚 सफला एकादशी व्रत 2024
पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 7 जनवरी की रात 12 बजकर 41 मिनट से हो रही है। अगले दिन 8 जनवरी रात 12 बजकर 46 मिनट पर इस तिथि का समापन होगा। उदया तिथि के अनुसार सफला एकादशी का व्रत 7 जनवरी के दिन रखा जाएगा। ये इस साल की पहली एकादशी है।
💦 सफला एकादशी व्रत का पारण
सफला एकादशी के व्रत का पारण 8 जनवरी, सोमवार के दिन सुबह 7 बजकर 15 मिनट से सुबह 9 बजकर 20 मिनट के बीच किया जा सकता है।
⚛️ सफला एकादशी पूजा विधि
◼️ सफला एकादशी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर भगवान विष्णु को ध्यान करते हुए उन्हें पंचामृत से स्नान करवाएं।
◼️ इसके बाद गंगा जल से स्नान करवा कर भगवान विष्णु को कुमकुम-अक्षत लगाएं।
◼️ सफला एकादशी की कथा का श्रवण या वाचन करें और दीपक और कपूर से श्री हरि की आरती उतारें एवं प्रसाद सभी में वितरित करें।
◼️ भगवान विष्णु के पंचाक्षर मंत्र ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’’ का यथा संभव तुलसी की माला से जाप करें।
◼️ इसके बाद शाम के समय भगवान विष्णु के मंदिर अथवा उनकी मूर्ति के समक्ष भजन-कीर्तन का कार्यक्रम करें।
◼️ इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु सहित देवी लक्ष्मी की पूजा करने से इस जीवन में धन और सुख की प्राप्ति तो होती ही है।
◼️ परलोक में भी इस एकादशी के पुण्य से उत्तम स्थान मिलता है।
💁🏻‍♀️ सफला एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि सफला एकादशी के दिन व्रत रखकर जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करता है उसके सभी काम सफल हो जाते हैं।
👉🏽 एकादशी के लाभ-नियम
🔹 यदि आप नियमित रूप से एकादशी का व्रत रखते हैं तो इससे आपके सारे पापों का नाश हो जाता है।
🔹 अगर आप इस व्रत को करते हैं तो इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
🔹 इसके फल से आपके घर में सुख शांति बनी रहती है और आपका दांपत्य जीवन भी खुशहाल रहता है।
🔹 एकादशी व्रत से आपको संतान की प्राप्ति होती है जो लोग निसंतान होते हैं उन्हें पुत्रदा एकादशी का व्रत करना चाहिए।
🔹 यदि आप इस व्रत को करते हैं तो इससे आपके सभी दुख दूर हो जाते हैं।
🔹 इस व्रत को करने से आपको स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है साथ ही आपके पूर्वजों को भी स्वर्ग लोक मिलता है।
🔹 इस व्रत के करने से आपका खोया हुआ धन दौलत मिल जाता है।
🔹 एकादशी करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है पर इसे करने के बहुत से नियम होते हैं।
🔹 इस दिन आपको अगली रात्रि से ही ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए , जो लोग विवाहित होते हैं उन लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
🔹 आपको इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाना चाहिए और नहा धोकर विष्णु भगवान की पूजा करनी चाहिए।
🔹 यदि आपने एकादशी का व्रत रखा है तो आपको अपने क्रोध पर काबू रखना चाहिए।
🔹 आपको इस दिन किसी के बारे में भी बुरा नहीं सोचना चाहिए, ना ही अपने मन में बुरे ख्याल लाने चाहिए।
🤷🏻‍♀️ सफला एकादशी पर इन चीजों का लगाएं भोग
सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की मूर्ति को पीले वस्त्र अर्पित करना चाहिए. इसके अलावा पूजा के दौरान हल्दी, चंदन, दीप, धूप अर्पित करना चाहिए. प्रसाद में तुलसी की पत्तियां जरूर चढ़ाना चाहिए. भगवान विष्णु को खीर, फल और मिठाई का भोग लगाना चाहिए और अंत में भगवान का प्रसाद लोगों को जरूर बांटना चाहिए. इससे भगवान जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और लोगों की सारी मनोकमनाएं पूरी करते हैं.

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