श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में झूम उठे श्रृद्धालु

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । बावली हनुमान मंदिर उमरियापान में बारहवीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर श्रीराम यज्ञ एवं बाल्मिकी परायण चल रहा है। श्रीराम यज्ञ के तीसरे दिन अरणि मंथन हुआ। जिससे निकली अग्नि को यज्ञ कुंड में स्थापित कर आहुति दी गई। मंदिर परिसर में भेड़ा वाले शास्त्री के सानिध्य में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है । कथा में पांचवे दिन सोमवार को कथा व्यास भेड़ा वाले शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया । श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गूँज से पूरा मंदिर परिसर श्रीकृष्ण मय हो गया। आकर्षक झांकी के साथ धूमधाम से भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। कथा व्यास ने बताया कि जब-जब धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुई, तब तब भगवान ने धर्म की रक्षा के लिए पृथ्वी पर अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते है। कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर भगवान ने कृष्ण रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस के अत्याचारों से पृथ्वी को मुक्त किया। श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन किया। कथा व्यास शास्त्री जी ने कहा कि जब भी हमें यह शुभ अवसर मिले, इसका सदुपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर बडी संख्या में श्रृद्धालुओं की उपस्थिती रही।

