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श्री राजराजेश्वरी मंदिर नैमिष में एक नई कड़ी, नई मणि के रूप स्थापित-योगी

लखनऊ । तपोनिष्ठ संत प्रवर श्री श्री स्वामी जी महाराज हीरापुर वालों की तपोस्थली श्री स्कंदाश्रम, श्री श्री श्री जगदंबा राजराजेश्वरी के नूतन देवालय नैमिषारण्य के चितशक्ति द्वार (प्रमुख द्वार) का उद्घाटन बुधवार 21 फरवरी 2024 को श्री गोरखनाथ पीठाधीश्वर, अनंत श्री विभूषित, पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन व मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित अनेक संत महात्माओं, विशिष्टजनों की विशेष, सारस्वत उपस्थिति में संपन्न हुआ।
योगी जी ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि नेमिष की पावन भूमि में दिव्य संत हीरापुर वाले स्वामी जी महाराज द्वारा जगदम्बा श्री राजराजेश्वरी की स्थापना वंदनीय है, यह उनकी साधना की प्रसाद सिद्धि है। यह नैमिष में एक नई कड़ी, नई मणि के रूप स्थापित हो रहा है। इस हेतु उनका आभार व्यक्त करता हूं। सनातन धर्म सृष्टि का धर्म है, मानवता का धर्म है। काशी, केदारनाथ, अयोध्या प्रधानमंत्री की संकल्पशक्ति, हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है, जो रामलला की गौरवशाली स्थापना की साक्षी बनी है। नैमीशारण्य पुरातन वैभव को प्राप्त हो, इसमें सभी योगदान दें। कहा हम सब देश के बारे में सोचें, देश हमारे लिए पहले है, हर भारतवासी इस दिशा में आगे बढ़े तो देश महाशक्ति होगा।
परम पूज्य श्री स्वामी जी महाराज हीरापुर वालों ने अपने उपदेश में श्री योगी जी का अभिनंदन करते हुए भगवत गीता के श्लोक के भावार्थ को बताते हुए कहा कि योगी जी रामकाज, राजकाज के साथ-साथ दुष्टों का संहार भी कर रहे हैं। श्री स्वामी जी ने कहा कि संत भी ईश्वर का अंश अवतार हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पूज्य श्री स्वामी जी की साधना का सुफल है कि पावन तीर्थ नैमिषारण्य में जगदंबा की विराट स्थापना की गई है।

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