भोपाल एवं ग्वालियर की पुरातत्व सर्वेक्षण टीम ने जबेरा क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों एवं स्थानों का किया गया सर्वेक्षण

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी के निर्देश अनुसार भोपाल एवं ग्वालियर की पुरातत्व सर्वेक्षण टीम के द्वारा विधानसभा क्षेत्र जबेरा के नोहटा में संग्रहालय बनाने हेतु बाड़गुंआ, डूमर में 9वीं और 10वीं शताब्दी के प्राचीन हनुमान मंदिर एवं मुआर में लगभग 16वीं शताब्दी के एक मंदिर का सर्वेक्षण किया गया एवं इनको संरक्षित करने हेतु स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा इस संबंध में अधिकारियों ने बताया जबेरा क्षेत्र में कुछ प्राचीन मंदिरों एवं प्राचीन स्थानों के सर्वेक्षण करने के निर्देश दिये गये थे। इस कार्यवाही में सबसे पहले नोहटा से शुरूआत की गई, नोहटा के नोहलेश्वर मंदिर का निरीक्षण किया, उसमें जो संबंधित काम थे, उसके साथ ही वहां पर एक पुरानी बिल्डिंग है, जो थाना है, जहां स्थानीय संग्रहालय बनाने के लिए योजना तैयार की जा रही है, उस जगह का निरीक्षण किया है। उसके बाद बाड़गुंआ आए, बाड़गुंआ में एक प्राचीन मंदिर है, वहां पर दो से तीन मंदिरों के अवशेष हैं, वे मंदिर दसवीं शताब्दी के आसपास के बने हुए हैं, उन मंदिरों को संरक्षित करने जा रहे हैं और भविष्य में उस मंदिर का पुनर्निर्माण भी करेंगे। इसके बाद डूमर में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का निरीक्षण किया, किसी समय उस जगह पर छोटे-छोटे लगभग 6 से 7 मंदिर बने हुए थे, वह भी 9वीं से 10वीं शताब्दी के कलचुरी पीरियड के थे, उन मंदिरों के अवशेषों से वहां एक नवीन मंदिर बना दिया गया है, वह सुरक्षित है। उन्होंने बताया इसके बाद मुआर गांव का निरीक्षण किया, मुआर में एक प्राचीन मंदिर है, जो करीब 16वीं-17वीं शताब्दी का एक राम मंदिर है, जो देखरेख के अभाव में जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है, इसको संरक्षित किया जायेगा और भविष्य में इसका जीर्णोद्धार करेंगे। इसके साथ ही मुआर में एक प्राचीन स्थल है, वहां एक प्राचीन तालाब है जो 10वीं-11वीं शताब्दि का है जिसे मड़ा तालाब कहते हैं, वहां पर भी प्राचीन मंदिर के अवशेष हैं, जिसका निरीक्षण किया है।



