किन्नरो की मनमानी बेजा बसूली व बदसलूकी पर शासन प्रशासन सख्ती से रोक लगाये

हरकतो से गरीब जनता परेशान
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । इन दिनो कस्बाई व ग्रामीण क्षेत्रो मे खसुआ किन्नरो की बेजा हरकते मनमानी जबरिया बसूली जन चर्चा का विषय बनी हुई है आम लोगो का कहना है की शासन प्रशासन व पुलिस बताये की किन्नरो को किस कानून के तहत लोगो के घरो मे जबरन घुसने व बधाई के नाम पर मनमानी राशि पांच हजार, दस हजार, पन्द्रह हजार रूपये की खुली लूट बसूली व नही देने पर उन्हे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की आखिरकार छूट कहां से मिली हुई है। प्रायः देखा जाता है की जिन परिवारो मे पुत्र का जन्म होता है किन्नरो का झुंड अपने गुप्त नेटवर्क के माध्यम से ऐन वक्त पर वहां आ धमकता है जब परिवार दस्टौन या बच्चे का जन्म दिन मना रहा होता है ऐसे मौके पर यह किन्नर लोग उस परिवार की परिस्थिति माली हालत देखे बगैर ही हजारो रूपयो की मांग कर बैठते है जो उसकी हैसियत से बाहर होती है,यहां बता दे की गरीब लोगो के पास कृषि के अलावा कोई काम नही होने से वह आर्थिक रूप से वैसे ही परेशान रहते है फिर लोगो के प्रसवकालीन खर्चे, आप्रेशन खर्च, अस्पताल व दवाईयो के खर्चे पारिवारिक उपचार इत्यादि मे वह आर्थिक रुप से टूटा हुआ रहता है ऐसे मे किन्नरो की अपमान जनक तरीके से परिवार, नाते रिश्तेदारो मुहल्ला पडोसियो के सामने ऊलजलूल हरकतो के साथ हजारो रुपयो की जबरिया मांग उन्हे मानसिक रुप से विचलित कर देता है. लोगो का कहना है की खसुओ का अचानक आना व आयोजित समारोह मे अपने भोडेपन, अश्लील नाच गानो के कुप्रदर्शन से बिध्न डालना सम्वैधानिक अधिकारो का खुला उलंघन है। इस प्रकार की गुण्डा गर्दी व खुलेआम दिनदहाडे नजराने के नाम पर लूट डकैती पर एफआईआर व तत्काल गिरफ्तारी होना चाहिये शासन प्रशासन को चाहिये की जनहित मे किन्नरो की इस अवैध बैजा उगाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाये जिससे आम आदमी इनके भय से मुक्त हो सके, व लोग अपने पारिवारिक कार्यक्रम ठीक तरीके से निडर होकर धूमधाम से मना सके।



