क्राइम

साइबर ठग नए तरीकों से बना रहे शिकार, तकनीक का इस्तेमाल कर वॉइस चेंज कर भेजते हैं संदेश

सावधान! अपनों की आवाज पर तुरंत भरोसा करना खतरनाक, ऐसे कर रहे हैं आपकी आवाज चोरी
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । बैंक खाता हैंक करना और ओटीपी पूछकर पैसा निकालना अब पुराने जमाने का साइबर क्राइम हो चुका है। नए जमाने में साइबर ठग आपको निशाना बनाने के लिए आपका बेटा-बेटी, नाते रिश्तेदार बनकर फोन करने लगे हैं।
हुबहू आवाज सुनकर आप कॉल और इमरजेंसी पर तत्काल भरोसा कर लेंगे और पैसा ट्रांसफर या बोला काम तुरंत कर देंगे। बाद में पता चलेगा कि ये कॉल आवाज की क्लोनिंग एंड्रॉयड ऐप या एआइ सिस्टम जनरेटेड था। प्रदेश के रायसेन जिले की तहसील सिलवानी में आदिवासी युवतियों को शिकार बनाने से पहले ऐसा ही मामला में सामने आ चुका है। भोपाल पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि ऐसे कॉल सुनकर तुरंत भरोसा करने की बजाए एक बार तस्दीक जरूर कर लें। संदेह होने पर साइबर सेल से संपर्क करें।
तेलंगाना, बेंगलूरु और अब एमपी में आवाज की क्लोनिंग कर रिश्तेदार और दोस्तों को फोन कर साइबर ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस भोपालऔर रायसेन ने लोगों को सलाह दी है कि वह फोन पर बात करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। आशंका जताई है कि क्रेडिट कार्ड और बीमा पॉलिसी का हवाला देकर ठग आपको फोन करते हैं और आवाज रिकार्ड कर सकते हैं।
इस संबंध में कमलेश कुमार खरपुसे एएसपी रायसेन का कहना है कि कॉल की पुष्टि जरूर करें…..
यदि इमरजेंसी में मदद के कॉल आएं तो अपनों से इसकी पुष्टि जरूर करें। शक होने पर सहायता के लिए साइबर सेल में संपर्क करें।
वॉइस चैट, कमांड ऐप से रहें सतर्क….
रायसेन साइबर पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि वे अज्ञात नंबरों से अपरिचित और परिचित लोगों से आने वाले फोन पर बात करते समय जरा संभालकर बात करें। पुष्टि कर सकते हैं तो कर लें। धोखा खाने से बचने का सबसे अच्छा तरीका सावधानी में ही हम सब का बचाव है।
एसडीओपी आलोक श्रीवास्तव ने भी लोगों को सचेत किया है कि व्हाट्सएप पर यूजर को फ्री बैलेंस देने के जो मैसेज किया जा रहा है भाई भी फर्जी हैं उन पर ध्यान दें उन पर दिए हुए नंबरों पर कॉल करने पर भी आपका अकाउंट खाली हो सकता है।

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