मध्य प्रदेश

हेलमेट न ही सेफ्टी बेल्ट बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे मजदूर, जरा सी चूक में जा सकती है जान

सिलवानी। नगर में पर चल रहे सीएम राइज बिल्डिंग निर्माण के कार्य में सुरक्षा को ताक पर रखकर कर्मचारियों से कार्य कराया जा रहा है, जिससे किसी दिन यहां हादसा हो सकता है। बावजूद इसके यहां विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। दरअसल बिल्डिंग के छत के साथ सेंटिंग प्लेट लगाने का काम भी होने लगा है। मजदूर कई फीट की ऊंचाई पर कर्मचारी खड़े होकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों के सिर पर न तो हेलमेट हैं न कमर में सेफ्टी बेल्ट और न ही अन्य कोई सुरक्षा उपकरण। यदि कोई कर्मचारी गलती से नीचे गिर जाए तो उसकी जान जा सकती है। इसमें ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। ठेकेदार का ध्यान सिर्फ काम कराने पर है, कर्मचारियों की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इस ओर विभाग के अधिकारियों को भी ध्यान देने की जरूरत है।
बारिश में ज्यादा डर
बारिश में ज्यादा ऊंचाई पर काम करते समय फिसलने का खतरा रहता है। यह सब अधिकारियों व निर्माण एजेंसी को दिखाई दे रहा है लेकिन वह कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे है, मानों वह किसी घटना होने का इंतजार कर रहे हैं।
न बीमा न ईएसआई का लाभ
यहां काम कर रहे एक मजदूरों ने बताया कि निर्माण एजेंसी की ओर से केवल काम करने पर काम का भुगतान किया जाता है। कंपनी ने न तो इनका बीमा कराया है न ही ईएसआई का लाभ उन्हें दिया जा रहा है।
यदि किसी प्रकार की कोई घटना यहां पर घटती है तो बीमा व ईएसआई होने की स्थिति में इसका लाभ मजदूरों को मिल सकता है लेकिन यहां पर ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा है।
सीएम राइज स्कूल… दूसरा साल बीता पुराने भवन में होगी नए सत्र की पढ़ाई
सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने के दावों के साथ शुरू हुआ सीएम राइज स्कूल का प्रोजेक्ट दूसरे साल बीतने के बाद भी धरातल पर साकार होता नहीं दिख रहा है। तहसील में इस योजना के तहत पिछले साल शुरू किए गए सीएम राइज स्कूलों के लिए नया कैंपस तो दूर छात्र-छात्राओं के आवागमन के लिए परिवहन की सुविधा भी नहीं मिल सकी है। जिसके कारण इस साल फिर से छात्र उन्हीं पुराने स्कूल भवनों में उपलब्ध संसाधनों के साथ पढ़ाई करने को मजबूर है। जब सीएम राइज स्कूलों की शुरुआत हुई थी उस वक्त दावा था कि ये निजी स्कूलों से भी बेहतर स्कूल बनेंगे। प्रस्ताव भी कुछ ऐसा ही है। अधिकांश विद्यार्थी सुविधाओं को देखकर ही स्कूलों में प्रवेश लेने लगे। यहां पहले साल पुराने भवनों में ही सीएम राइज स्कूल संचालित हुए। उन्हीं स्कूलों के भवनों को थोड़ा बहुत आकर्षक बनाकर काम चलाया गया। इस बीच नए भवन को लेकर प्रक्रिया हुई। जिसके बाद नगर में सीएम राइज स्कूल के लिए नए भवन का निर्माण शुरू किया है। नए भवन के निर्माण की स्थिति को देखते हुए माना जा रहा है कि इस साल भी सीएम राइज स्कूलों का संचालन पुरानी बिल्डिंगों में होगा, क्योंकि अभी तक महज 50 प्रतिशत ही काम हुआ है। हकीकत यह है कि निर्माण कार्य में 2025 भी बीत जाएगा।
सीएम राइज स्कूल बनाने के उद्देश्य
कक्षा नर्सरी से लेकर 12वीं तक के एकीकृत विद्यालय का संचालन, विद्यालय 21वीं शताब्दी की क्षमताओं के साथ विकसित करने हेतु आधुनिक उपकरणों और तकनीक से लैस करना। विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए खेलकूद सांस्कृतिक एवं साहित्यिक आदि गतिविधियों के लिए बड़े विद्यालय को विकसित कर उपयुक्त वातावरण का निर्माण करना। सीएम राइज स्कूलों में भौतिक एवं मानवीय संसाधनों में वृद्धिकर उनका समुचित उपयोग करते हुए पालकों में अशासकीय विद्यालयों के प्रति बढ़ रहे आकर्षण कों रोका जाना। नर्सरी से 12वीं तक हिन्दी माध्यम के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम की कक्षाओं का संचालन। सीएम राइज स्कूलों को सीबीएसई मान्यता शालाओं के रूप में परिवर्तन करना।
इस संबंध में एसडीएम प्रकाश नायक का कहना है कि निर्माण एजेंसी के स्थल इंजीनियर को निर्देश दिए गए है कि मजदूरी को सुरक्षा के मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया जावे।

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