मध्य प्रदेश

अमानक, मिथ्याछाप और मिलावटी खाद्य सामग्री के विक्रेता व संग्राहकों के विरूद्ध कार्यवाही तीन प्रतिष्ठानों के संचालकों पर लगाया 95 हजार रूपये का जुर्माना

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जिले में मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत जिला प्रशासन की कार्यवाही का सिलसिला निरंतर जारी है । जिसमे प्रतिष्ठानों को सील करने, लायसेंस व पंजीयन निलंबित करने सहित दांडिक कार्यवाही निरंतर जारी की जा रही है । इसी क्रम मे न्याय निर्णायक अधिकारी व अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्रीमती साधना कमलकांत परस्ते ने अमानक, मिथ्याछाप और मिलावटी खाद्य सामग्री के विक्रय व संग्रहण पर जिले के तीन प्रतिष्ठानों के संचालकों पर समेकित रूप से 95 हजार रुपये का आर्थिक दण्ड लगाया गया है।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश मे अर्जित अनुचित लाभ एवं उल्लंघन की पुनरावृत्ति को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के तहत् कार्यवाही करते हुए आसू डेयरी एमईएस माधव नगर के संचालक राजा यादव पिता हरकेश यादव निवासी इमलिया माधव नगर कटनी को अवमानक खाद्य पदार्थों गाय-भैंस मिक्स दूध का विक्रय करने तथा बिना खाद्य पंजीयन के कारोबार करने पर 50 हजार रुपये के आर्थिक दण्ड से दण्डित किया गया है ।
इसी तरह एक अन्य प्रकरण मे जिनेन्द्र मिल्क सेंटर आजाद चौक कटनी के संचालक धन्य कुमार जैन पिता शिखरचंद जैन एवं धीरज जैन पिता धन्य कुमार जैन निवासी रूगटा कंपाउण्ड घंटाघर कटनी द्वारा विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री पेड़ा मिथ्याछाप पाये जाने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धाराओं का उल्लंघन करने पर 30 हजार रूपये के आर्थिक दंड से दंडित किया गया है।
जबकि एक अन्य मामले में अनावेदक अंकित ट्रेडर्स उमरियापान रोड स्लीमनाबाद के संचालक राजकुमार चौधरी पिता रामदास चौधरी एवं संचालक भागीदार पान प्रोडक्टस प्राईवेट लिमिटेड द्वारा राज श्री बॉण्ड, विमल ब्राण्ड पान मसाला एवं नमकीन बिस्किट का व्यवसाय का बिल प्रस्तुत नहीं करने पर तथा राज श्री पान मसाला का नमूना अवमानक पाये जाने पर 15 हजार रूपये के आर्थिक दंड से दंडित किया जा चुका है ।
उपरोक्त तीनो अनावेदकों को अर्थदण्ड की राशि निर्धारित ट्रेजरी चालान के माध्यम से हैड क्रमांक 0210 चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य, 04- लोक स्वास्थ्य, 104- शुल्क एवं अर्थ दंड आदि ( 0754 ) खादय अपमिश्रण एवं औषधि नियंत्रण के अंतर्गत लायसेंस फीस अर्थदंड आदि के खाते में 30 दिवस के भीतर जमा कर चालान की प्रति इस न्यायालय में जमा करने हेतु निर्देशित किया गया है। राशि जमा न करने की दशा में लोक धन शोध अधिनियम के तहत राशि की वसूली की जावेगी।

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