धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 28 दिसम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 28 दिसम्बर 2024
28 दिसम्बर 2024 दिन शनिवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज शनिवार का शनिप्रदोष व्रत भी है। पुत्रहीन लोगों के लिए आज सुनहरा अवसर है। आज गाय के दूध से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाएं। भगवान की कृपा से जल्द ही आपके गोद में आपका पुत्र किलकारियाँ भर रहा होगा। आज पंजाब के जोरमेला का समापन हो जायेगा। आज यायीजययोग भी है। आज की स्थिति अत्यंत ही शुभ स्थिति है। आज भगवान शिव के साथ शनिदेव की पुजा करनी चाहिए। इससे साढ़ेसाती का दु:ष्प्रभाव निरस्त हो जाएगा। आप सभी सनातनियों को “शनिप्रदोष व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – शनिवार पौष माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि 03:32 AM तक उपरांत चतुर्दशी
🖍️ तिथि स्वामी – त्रयोदशी तिथि के देवता हैं त्रयोदशी और शिव। त्रयोदशी में कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उत्तम भार्या प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अनुराधा 10:13 PM तक उपरांत ज्येष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है,जो राशि स्वामी मंगल का शत्रु है।
⚜️ योग – शूल योग 10:23 PM तक, उसके बाद गण्ड योग
प्रथम करण : गर – 03:04 पी एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 03:32 ए एम, दिसम्बर 29 तक विष्टि
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:23 ए एम से 06:18 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:51 ए एम से 07:13 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:02 पी एम से 12:44 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:06 पी एम से 02:48 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:30 पी एम से 05:58 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:33 पी एम से 06:55 पी एम
💧 अमृत काल : 11:04 ए एम से 12:47 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:50 ए एम, दिसम्बर 29
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंदिर प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शनि मंदिर में इमरती भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : शनि प्रदोष/मूल प्रारंभ/भद्रा/शुक्र गोचर/ ज़ोर मेला (पंजाब) समाप्ति/ कांग्रेस स्थापना दिवस, भारतीय उद्योगपति धीरूभाई अंबानी जयन्ती, भारतीय उद्योगपति रतन टाटा जन्मोत्सव, भारतीय राजनेता अरुण जेटली जन्म दिवस, पंजाबी लेखक नानक सिंह स्मृति दिवस, राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री हीरा लाल शास्त्री पुण्य तिथि, ध्रुपद गायक उस्ताद नासिर अमीनुद्दीन डागर स्मृति दिवस, भूतपूर्व मुख्यमंत्री सुंदर लाल पटवा पुण्य तिथि
✍🏼 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🗽 Vastu tips 🗼
अकाल मृत्यु को बुलावा देता है इस दिशा में खाना खाना-दक्षिण दिशा में मुंह करके खाना खाना, आपको अकाल मृत्यु की ओर ले जाता है। दरअसल, माना जाता है कि ये दिशा मरे हुए लोगों की है और इस दिशा में ऐसी ही एनर्जी रहती है। जब आप इस दिशा में खाना खाते हैं तो ये नकारात्मक एनर्जी आपके खाने में मिल जाती है या फिर आपके खाने का एक भाग इन्हें भी जाने लगता है। फिर लगातार ये काम करना इनके साथ संपर्क बढ़ाता है और मृत्यु की दिशा एक्टिवेट हो जाती है और आप या आपका कोई खास अचानक से अकाल मृत्यु की ओर जाता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
गर्म पानी से नहाने के नुकसान: त्वचा की नमी छीन लेता है: बहुत गर्म पानी से नहाने से त्वचा की नमी छीन जाती है, जिससे त्वचा रूखी और खुजलीदार हो सकती है।
तेल ग्रंथियों को प्रभावित करता है: गर्म पानी से नहाने से त्वचा की तेल ग्रंथियां प्रभावित हो सकती हैं, जिससे त्वचा रूखी और बेजान हो सकती है।
बालों को नुकसान पहुंचाता है: बहुत गर्म पानी से बाल धोने से बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं।
त्वचा की जलन: बहुत गर्म पानी से नहाने से त्वचा में जलन हो सकती है।
खुजली और लालिमा: गर्म पानी से नहाने से त्वचा में खुजली और लालिमा हो सकती है।
👉🏼 नोट:- ये सब बिजली उपकरण के इस्तेमाल के बारे में है।।
🥒 आरोग्य संजीवनी 🍶
बबूल की फली का चूर्ण के फायदे
टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने में बबूल की फली का चूर्ण बहुत ही लाभकारी होता है। इसके लिए बबूल की फली के चूर्ण को एक – एक चम्मच की मात्रा में सुबह – शाम सेवन करने से टूटी हुई हड्डिया जुड़ जाती हैं।
घुटनों के दर्द में बबूल की फली
जिन लोगों को घुटनों में हमेशा दर्द होता रहता है।डॉक्टर बोलते हैं कि घुटने की चिकनाई खत्म गो गयी है।उन लोगों को बबूल की फली के चूर्ण का सेवन वहुत ही लाभकारी होता है।
इसके लिये बबूल की फली के चूर्ण में समान मात्रा में मिश्री को मिलाकर एक – एक चम्मच सुबह शाम सेवन करने से घुटने के दर्द में आराम मिलता है।
🌹 गुरु भक्ति योग 🌺
एक समय की बात है। एक जंगल में नदी किनारे एक पेड़ पर कबूतर रहता था। उसी जंगल में एक दिन कहीं से एक मधुमक्खी भी गुजर रही थी कि अचानक से वह एक नदी में जा गिरी। उसके पंख गीले हो गए। उसने बाहर निकलने के लिए बहुत कोशिश की, लेकिन वह नहीं निकल सकी। जब उसे लगा कि वह अब मर जाएगी, तो उसने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। तभी पास के पेड़ पर बैठे कबूतर की नजर उस पर पड़ गई। कबूतर ने उसकी मदद करने के लिए तुरंत पेड़ से उड़ान भर ली।
कबूतर ने मधुमक्खी को बचाने के लिए एक तरकीब सोची। कबूतर ने एक पत्ते को अपनी चोंच में पकड़ा और उसे नदी में गिरा दिया। वह पत्ता मिलते ही मधुमक्खी उस पर बैठ गई। थोड़ी ही देर में उसके पंख सूख चुके थे। अब वह उड़ने के लिए तैयार थी। उसने कबूतर को जान बचाने के लिए धन्यवाद बोला। उसके बाद मधुमक्खी वहां से उड़कर चली गई।
इस बात को कई दिन बीत चुके थे। एक दिन वही कबूतर गहरी नींद में सो रहा था और तभी एक लड़का उस पर गुलेल से निशाना लगा रहा था। कबूतर गहरी नींद में था, इसलिए वह इस बात से अंजान था, लेकिन उसी समय वहां से एक मधुमक्खी गुजर रही थी, जिसकी नजर उस लड़के पर पड़ गई। यह वही मधुमक्खी थी, जिसकी कबूतर ने जान बचाई थी। मधुमक्खी तुरंत लड़के की ओर उड़ गई और उसने जाकर सीधे लड़के के हाथ पर डंक मार दिया।
मधुमक्खी के काटते ही लड़का तेजी से चिल्ला पड़ा। उसके हाथ से गुलेल दूर जाकर गिरी। लड़के के चिल्लाने की आवाज सुनकर कबूतर की नींद खुल गई थी। वह मधुमक्खी के कारण सुरक्षित बच गया था। कबूतर सारा माजरा समझ गया था। उसने मधुमक्खी को जान बचाने के लिए धन्यवाद बोला और दोनों जंगल की ओर उड़ गए।
कहानी से सीख_

इस कहानी से यह सीख मिलती है कि हमें मुसीबत में फंसे व्यक्ति की मदद जरूर करनी चाहिए। इससे हमें भविष्य में इसके अच्छे परिणाम जरूर मिलते हैं।
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।

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