धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 06 मार्च 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 06 मार्च 2025
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि 10:51 AM तक उपरांत अष्टमी
✏️ तिथि स्वामी – सप्तमी के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है। यह मित्रवत, मित्रा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रोहिणी 12:05 AM तक उपरांत म्रृगशीर्षा
🪐 नक्षत्र स्वामी – रोहिणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। शास्त्र के अनुसार रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा है।
⚜️ योग – विष्कुम्भ योग 08:29 PM तक, उसके बाद प्रीति योग
प्रथम करण : वणिज – 10:50 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 10:01 पी एम तक बव
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:12:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:48:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:03 ए एम से 05:52 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:27 ए एम से 06:41 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:09 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:17 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:22 पी एम से 06:46 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:24 पी एम से 07:38 पी एम
💧 अमृत काल : 09:02 पी एम से 10:34 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, मार्च 07 से 12:56 ए एम, मार्च 07
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को सवाकिलो चना दाल दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : होलाष्टक प्रारम्भ/ भद्रा/ भारतीय अभिनेत्री जाह्नवी कपूर जन्म दिवस, भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री शम्मी जी स्मृति दिवस, महान पत्रकार अरुण तम्हांकार पुण्य तिथि, नासिरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँ जयन्ती, प्रसिद्ध क्रान्तिकारी अम्बिका चक्रवर्ती स्मृति दिवस, राष्ट्रीय पोशाक दिवस, राष्ट्रीय ओरियो कुकी दिवस, घाना स्वतंत्रता दिवस, भूजल सप्ताह (5 से 11 मार्च)
✍🏼 तिथि विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🗼 Vastu tips 🗽
🐈‍⬛ काले कुत्ते को खिलाएं रोटी
लाल किताब के अनुसार शनिवार के दिन किसी काले कुत्ते को सरसों तेल में चुपड़ी रोटी खिलाने से राहु, केतु और शनि ग्रह का प्रकोप कम होता है और इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है। आपको बता दें कि काले कुत्ते का उपाय काफी कारगर माना जाता है। कई बार शनि की साढ़े साती दशा में भी यह उपाय जातक को राहत देता है।
🐈‍⬛ काले कुत्ते को खिलाएं रोटी
लाल किताब के अनुसार शनिवार के दिन किसी काले कुत्ते को सरसों तेल में चुपड़ी रोटी खिलाने से राहु, केतु और शनि ग्रह का प्रकोप कम होता है और इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है। आपको बता दें कि काले कुत्ते का उपाय काफी कारगर माना जाता है। कई बार शनि की साढ़े साती दशा में भी यह उपाय जातक को राहत देता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आयुर्वेद के मुताबिक रात में दही नहीं खाना चाहिए क्योंकि👉
सूर्यास्त के बाद शरीर का तापमान कम होने लगता है और कफ़ दोष बढ़ने लगता है। दही कफ़ दोष को बढ़ा देता है।
रात में भोजन करने के बाद ज़्यादा मेहनत नहीं की जाती और कुछ देर बाद सो जाते है, जिससे भोजन ठीक से पच नहीं पाता।
दही पचाने में मुश्किल होता है क्योंकि इस वक्त हमारी जठराग्नि तेज नहीं होती।
जिन लोगों को अस्थमा है, उन्हें तो रात में दही बिल्कुल नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह म्यूकस को बढ़ावा देता है।
दही खाने का सबसे अच्छा समय सुबह या दोपहर होता है. दही खाने से पाचन तंत्र मज़बूत होता है।
🍃 आरोग्य संजीवनी
☘️
ऐसे इंसान जिन्हें पीलिया जैसी बीमारी का शिकायत होता है तो उन लोगों को रोज सुबह के समय सफेद रसगुल्ला का सेवन करना चाहिए इससे उनका पीलिया बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगा।
वैसे इंसान जिनको पेशाब में जलन या फिर पीलापन होता हो तो भी वैसे इंसान के लिए रसगुल्ला का सेवन मददगार है इस तरह के इंसान को लगभग एक हफ्ता भर कम से कम दो रसगुल्ले का सेवन करना चाहिए।
अगर आपकी आंखों में जलन होती है या फिर आंख पीला दिखाई देता है तो आप रोज दो सफेद रसगुल्ला का सेवन जरूर करें इससे आपकी समस्या खत्म हो जाएगी।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌹
ध्यान में प्रकाश के अनुभव ध्यान की अवस्था में हमारी कुंडलिनी के मूलाधार से लेकर आज्ञा चक्र तक के 6 चक्र जागृत हो गए सहस्त्रार चक्र में पहुंचने पर शून्य की अवस्था का अनुभव घबराहट भरा होने के कारण हमारी कुंडलिनी बंद हो गई। इसके बाद अपना सहस्त्रार चक्र खोलने के लिए मैंने फिर से अपनी उसी साधना को जारी रखा, लेकिन अबकी बार मुझे पहले जैसे दृश्य न दिखाई देकर प्रकाश के दृश्य इस तरह से दिखाई दिए
दृश्य नंबर 1 जब हम आंखें बंद करके ध्यान लगाते हैं हमारे बाई तरफ एक दूधिया प्रकाश से चमकता हुआ अर्धचंद्र प्रकट होता है। कभी-कभी यह एक चमकीले बिंदु के समान प्रकट होता है और फिर धीरे-धीरे अर्धचंद्र का रूप ले लेता है। अर्धचंद्र के बाद उसके अंदर वाला आधा गोला एक रेखा द्वारा पूर्ण गोले का आकार ले लेता है इसके बाद पूरे बाहरी गोले पर प्रकाश फैल जाता है तथा वह एक चमकती हुई रिंग का आकार ले लेता है उसके अंदर का खाली गोला लाल रक्त वर्ण के लाल रंग से चमक रहा होता है तथा उसके बाहर का गोला सफेद दूधिया रंग से चमक रहा होता है।
यह गोला जब बना था तब मस्तक के बाएं तरफ था लेकिन जब इस गोले ने अपना पूर्ण आकार लिया तब यह चमकता हुआ गोला ठीक मस्तक के सामने आ गया। यह चमकता हुआ गोला कुछ देर तक बना रहा फिर धीरे-धीरे गायब हो गया।
दृश्य नंबर दो जब दृश्य समाप्त हो जाते हैं तो हम ध्यान की एक विशिष्ट प्रक्रिया को दोबारा करते हैं हमारे सामने फिर प्रकाश फैल जाता है और यह प्रकाश बहुत तेज होता है। इसके बाद बहुत ही अद्भुत प्रकाशमय चमकती हुई डिजाइन बन जाती है। इस डिजाइन के बाद डिजाइन में परिवर्तन होकर कई तरह की डिजाइनें बनती बिगड़ती रहती हैं।
इसके बाद सामने का पूरा पर्दा छोटे-छोटे नीले बिंदुओं से भर जाता है यह सभी बिंदु थोड़ी थोड़ी दूर पर स्थित होते हैं और इन बिंदुओं के बीच बीच में सुई की नोक के बराबर के छोटे-छोटे बिंदु सफेद रोशनी के साथ चांदी के समान चमक रहे होते हैं। धीरे-धीरे यह दृश्य फिर से गायब हो जाता है।
(शेष कल)
𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼 🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।।

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